Rajasthan News: राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जल जीवन मिशन घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार सुबह एसीबी की टीम ने पूर्व मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई जयपुर की सैन कॉलोनी स्थित उनके आवास पर हुई। लंबी पूछताछ के बाद अधिकारी उन्हें सीधे एसीबी मुख्यालय ले गए। यह पूरा मामला करीब नौ सौ करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है। इस अहम गिरफ्तारी से राज्य की सियासत में हलचल मच गई है।
फर्जी दस्तावेजों से ठेके लेने का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार इस मिशन में कई बड़े स्तर पर अनियमितताएं बरती गईं। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों और गलत अनुभव प्रमाणपत्रों का जमकर इस्तेमाल हुआ। इनके जरिए अयोग्य कंपनियों को करोड़ों रुपये के ठेके आसानी से दे दिए गए। कुछ चुनिंदा कंपनियों को सीधा फायदा पहुंचाने के लिए नियमों में भारी फेरबदल किया गया। उस समय महेश जोशी जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के मंत्री थे। उनकी भूमिका शुरुआत से ही संदिग्ध मानी जा रही थी।
पहले ईडी भी कर चुकी है गिरफ्तार
महेश जोशी पहले भी केंद्रीय जांच एजेंसियों के सीधे निशाने पर रहे हैं। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने भी उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के एक गंभीर मामले में गिरफ्तार किया था। ईडी की यह बड़ी कार्रवाई अप्रैल दो हजार पच्चीस में हुई थी। इसके बाद उन्हें करीब सात महीने तक जेल की सलाखों के पीछे रहना पड़ा था। बाद में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी। अब एक बार फिर उनकी नई गिरफ्तारी मुश्किलें बढ़ा देगी।
कई अन्य बड़े अधिकारी भी जांच के घेरे में
फिलहाल एसीबी और ईडी दोनों ही इस पूरे मामले की अलग जांच कर रही हैं। इस व्यापक जांच में कई बड़े अधिकारियों, इंजीनियरों और निजी ठेकेदारों की संदिग्ध भूमिका सामने आई है। सूत्रों का स्पष्ट कहना है कि एसीबी के पास पूर्व मंत्री के खिलाफ कई पुख्ता सबूत मौजूद हैं। इन्हीं अहम दस्तावेजों के आधार पर यह ताजा गिरफ्तारी की गई है। इस बड़े जल जीवन मिशन घोटाले को राज्य का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार मामला माना गया है।

