पश्चिम बंगाल में खूनी खेल: सुवेंदु अधिकारी के सबसे करीबी की सरेराह हत्या, क्या अब निशाने पर खुद सुवेंदु हैं?

West Bengal News: पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद भड़की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा वारदात में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के बेहद खास और निजी सहायक (PA) चंद्र नाथ रथ की मध्यमग्राम में सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने फिल्मी अंदाज में गाड़ी को ओवरटेक किया और फिर ताबड़तोड़ 12 राउंड फायरिंग की। इस भीषण हमले में चंद्र नाथ की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है।

सुनियोजित साजिश के तहत की गई हत्या

चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कोई सामान्य हमला नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। हमलावर पहले से ही चंद्र नाथ रथ की गाड़ी का पीछा कर रहे थे। मध्यमग्राम के पास हमलावरों ने उनकी गाड़ी को रोका और अचानक अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। चंद्र नाथ के सिर, सीने और पेट में कई गोलियां लगी हैं। शुरुआती जांच में यह शार्प शूटरों का काम लग रहा है। वारदात के समय उनके साथ मौजूद एक अन्य साथी भी गंभीर रूप से घायल हुआ है।

सुवेंदु अधिकारी और बीजेपी का तीखा पलटवार

वारदात की सूचना मिलते ही सुवेंदु अधिकारी मध्यमग्राम के लिए रवाना हो गए। बीजेपी के दिग्गज नेता अर्जुन सिंह ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर ममता बनर्जी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को मरवाना चाहती हैं और प्रशासन चुनाव के बाद सुस्त पड़ गया है। सिंह ने दावा किया कि अपराधी सीमा पार से आकर ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने बंगाल में कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए कड़े ‘योगी मॉडल’ की मांग की है।

एक दशक पुराना भरोसा और सेना का अनुभव

मृतक चंद्र नाथ रथ पिछले दस सालों से सुवेंदु अधिकारी के साथ साये की तरह जुड़े हुए थे। वे पूर्व में भारतीय वायु सेना (Airforce) में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। बीजेपी नेता केया घोष ने बताया कि चंद्र नाथ भवानीपुर में सुवेंदु दा का सारा सांगठनिक काम संभालते थे। वे केवल एक सहायक नहीं बल्कि परिवार के सदस्य जैसे थे। बीजेपी नेताओं का मानना है कि उन्हें सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वे सुवेंदु अधिकारी की सबसे बड़ी ताकत थे।

बढ़ती राजनीतिक हिंसा पर उठते गंभीर सवाल

पश्चिम बंगाल में चार मई को आए चुनावी नतीजों के बाद से ही स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। बीजेपी ने इसे ‘खूनी राजनीति’ करार देते हुए दोषियों को न बख्शने की चेतावनी दी है। पार्टी का कहना है कि यह हमला सुवेंदु अधिकारी के राजनीतिक आधार को कमजोर करने की कोशिश है। राज्य में विपक्षी नेताओं की सुरक्षा को लेकर अब नई बहस छिड़ गई है।

जांच के घेरे में अंतरराष्ट्रीय सीमा और अपराधी

बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया है कि वारदात स्थल के पास अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर होने का फायदा अपराधी उठा रहे हैं। अर्जुन सिंह के अनुसार, सिस्टम इतना बिगड़ चुका है कि बाहरी तत्वों का दखल बढ़ गया है। बीजेपी ने जुडिशरी और प्रशासन में व्यापक सुधार की बात कही है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। इस हत्याकांड के बाद बंगाल की राजनीति में उबाल आना तय माना जा रहा है। बीजेपी इसे ‘गारंटी’ बता रही है कि दोषियों को सजा जरूर मिलेगी।

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