सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की सरेआम हत्या, पुलिस को मिले विदेशी हथियार

West Bengal News: पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई है। बुधवार रात उत्तर चौबीस परगना जिले के मध्यमग्राम में इस वारदात को अंजाम दिया गया। चंद्रनाथ अपने घर से मात्र दो सौ मीटर दूर थे, तभी हथियारबंद लोगों ने उनकी गाड़ी पर फायरिंग कर दी। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि हमलावरों ने पूरी योजना के साथ घटना को अंजाम दिया।

विदेशी हथियारों का इस्तेमाल

हमलावरों ने ऑस्ट्रिया में बनी आधुनिक ‘ग्लॉक 43x’ पिस्टल का इस्तेमाल किया। पुलिस ने घटना स्थल से विदेशी हथियारों के कारतूस बरामद किए हैं। वारदात में एक संदिग्ध गाड़ी का उपयोग किया गया है। पुलिस ने इस वाहन को जब्त कर लिया है। जांच के दौरान गाड़ी पर लगी नंबर प्लेट भी जाली पाई गई है। यह नंबर प्लेट मूल रूप से सिलीगुड़ी की एक अन्य गाड़ी के नाम पर पंजीकृत है।

हमले की खौफनाक टाइमलाइन

बुधवार रात दस बजकर दस मिनट पर चंद्रनाथ रथ अपनी स्कॉर्पियो से दोहरिया इलाके में पहुंचे। उनके साथ साथी बुद्धदेव बेरा भी गाड़ी में मौजूद थे। करीब दस बजकर पंद्रह मिनट पर एक अज्ञात कार ने उनका रास्ता रोका। गाड़ी की रफ्तार कम होते ही बाइक सवार हमलावरों ने अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। स्थानीय लोग दस बजकर बीस मिनट पर मौके पर पहुंचे, जहां दोनों खून से लथपथ हालत में पड़े थे।

अस्पताल में मृत घोषित

स्थानीय नागरिक तुरंत दोनों घायलों को पास के डाइवर्सिटी नर्सिंग होम ले गए। रात दस बजकर चालीस मिनट पर डॉक्टरों ने चंद्रनाथ रथ को मृत घोषित कर दिया। उनके सीने के बाईं ओर दो गोलियां लगी थीं। इस हमले में उनके साथी बुद्धदेव बेरा को भी तीन गोलियां लगी हैं। बुद्धदेव की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए कोलकाता के बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया है।

सीबीआई जांच की मांग

रात साढ़े ग्यारह बजे घटना की जानकारी इलाके में फैल गई। भारी पुलिस बल के साथ बड़े बीजेपी नेता भी मौके पर पहुंचने लगे। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि यह हत्या एक बड़ी साजिश का हिस्सा है। सुवेंदु अधिकारी ने राज्य पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। सच्चाई सामने लाने के लिए नेताओं ने सीबीआई जांच मांगी है।

राजनीतिक तनाव और पुलिस कार्रवाई

राज्य पुलिस के डीजीपी सिद्धिनाथ गुप्ता ने इस संवेदनशील मामले की कमान संभाल ली है। पुलिस टीम इलाके के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। इससे हमलावरों के भागने के रास्ते का पता लगाया जा सकेगा। इस हिंसक घटना के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है। टीएमसी नेताओं ने भी इस जघन्य हत्याकांड की निंदा की है। मध्यमग्राम और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

सुपारी किलिंग का शक

बीजेपी नेता शिशिर बजोरिया ने इस वारदात को स्पष्ट तौर पर सुपारी किलिंग बताया है। उनका मानना है कि पेशेवर हत्यारों ने इस पूरी घटना को अंजाम दिया है। हत्या के दिन सुबह चंद्रनाथ अपने गांव चंडीपुर में मौजूद थे। उन्होंने वहां कार्यकर्ताओं को शांति बनाए रखने का संदेश दिया था। कुछ ही घंटों बाद उनकी सरेआम हत्या कर दी गई। केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती से इलाके में हालात को नियंत्रण में रखा गया है।

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