West Bengal News: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। सुवेंदु अधिकारी ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश और ‘महा-जंगल राज’ का नतीजा बताया है। अधिकारी के अनुसार हमलावरों ने वारदात से पहले दो-तीन दिनों तक इलाके की रेकी की थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिलने का दावा किया है।
रेकी के बाद रची गई हत्या की खौफनाक साजिश
सुवेंदु अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में खुलासा किया कि यह हमला कोई अचानक हुई घटना नहीं थी। अपराधियों ने चंद्रनाथ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पूरी योजना बनाई थी। डीजीपी ने भी शुरुआती जांच में इसे सुनियोजित हत्या माना है। सुवेंदु ने कहा कि दिल्ली से केंद्रीय नेतृत्व इस मामले पर नजर बनाए हुए है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने पीड़ित परिवार और पुलिस प्रशासन से बात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
‘महा-जंगल राज’ और गुंडागर्दी खत्म करने का संकल्प
नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे 15 साल के कुशासन का परिणाम बताया। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बीजेपी अब बंगाल से गुंडों और अपराधियों को खत्म करने का अभियान शुरू करेगी। अधिकारी ने बताया कि पुलिस को कुछ अहम सबूत मिले हैं, जिनसे हमलावरों तक पहुंचने की उम्मीद है। घटना के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों से बीजेपी विधायक और नेता संवेदना व्यक्त करने मध्यमग्राम पहुंच रहे हैं।
अग्निमित्रा पॉल ने ममता बनर्जी सरकार को घेरा
बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल ने इस हत्याकांड को भवानीपुर चुनाव के नतीजों से जोड़ते हुए राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चंद्रनाथ रथ एक बेहद भरोसेमंद इंसान थे और नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय का महत्वपूर्ण कार्य संभालते थे। पॉल ने सवाल उठाया कि एक ऐसे व्यक्ति को क्यों निशाना बनाया गया जिसका सक्रिय राजनीति से सीधा संबंध नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ हत्याएं हो रही हैं, तो दूसरी तरफ बूथ कार्यकर्ताओं पर चाकू से हमले जारी हैं।
फिल्मी अंदाज में ओवरटेक कर बरसाईं गोलियां
यह सनसनीखेज वारदात बुधवार रात करीब साढ़े 10 बजे उस समय हुई जब चंद्रनाथ रथ अपनी गाड़ी से घर लौट रहे थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक एक कार और एक बाइक काफी समय से उनका पीछा कर रही थी। हमलावरों ने पहले उनकी कार को ओवरटेक कर रास्ता रोका और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। चंद्रनाथ के सीने में दो गोलियां लगीं, जो उनके दिल के आर-पार निकल गईं। गाड़ी में उस वक्त ड्राइवर के अलावा एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था।
तनावपूर्ण माहौल और पुलिस की सघन जांच
मध्यमग्राम और आसपास के इलाकों में इस घटना के बाद से भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। स्थानीय लोगों और परिजनों में इस हत्या को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। बीजेपी का दावा है कि राज्य में विपक्षी कार्यकर्ताओं और उनके करीबियों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और जांच जारी है।


