Bihar News: मुजफ्फरपुर के ऐतिहासिक बाबा गरीबनाथ मंदिर के कायाकल्प के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ी योजना को हरी झंडी दे दी है। पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मंदिर के समग्र विकास के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का सख्त निर्देश दिया है। सरकार का लक्ष्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देते हुए श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है। इसके लिए मंदिर परिसर के सौंदर्यकरण और बुनियादी ढांचे में सुधार पर विशेष जोर दिया जाएगा।
फकुली में “बाबा गरीबनाथ मंदिर द्वार” का होगा निर्माण
पर्यटन विभाग ने मुजफ्फरपुर शहर के प्रवेश बिंदु फकुली में एक विशाल और भव्य प्रवेश द्वार बनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस द्वार का आधिकारिक नाम “बाबा गरीबनाथ मंदिर द्वार” रखा जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से न केवल पर्यटकों को मंदिर की पहचान करने में आसानी होगी, बल्कि शहर की सुंदरता में भी इजाफा होगा। यह द्वार श्रद्धालुओं के लिए स्वागत का प्रतीक बनेगा और मंदिर की भव्यता को दूर से ही प्रदर्शित करेगा।
धार्मिक स्थलों के कॉरिडोर प्रोजेक्ट की हुई समीक्षा
बैठक में विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह और उदय मिश्रा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान पर्यटन मंत्री ने केवल गरीबनाथ मंदिर ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के कार्यों की भी समीक्षा की। बैठक में सोनपुर स्थित बाबा हरिहarnath मंदिर कॉरिडोर परियोजना की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना अधिकारियों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
पुनौराधाम और विष्णुपद मंदिर में तेज होगा काम
सीतामढ़ी के पुनौराधाम में निर्माणाधीन माता जानकी मंदिर के कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली गई। इसके साथ ही गया के विष्णुपद मंदिर में चल रहे विकास कार्यों की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से कार्यस्थलों का निरीक्षण करें। सरकार की योजना इन धार्मिक केंद्रों को आपस में जोड़कर एक सुव्यवस्थित पर्यटन सर्किट विकसित करने की है ताकि श्रद्धालुओं का अनुभव सुखद रहे।
पर्यटक सुविधाओं और स्वच्छता पर विशेष ध्यान
केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि बिहार आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी धार्मिक स्थलों पर साफ-सफाई के उच्च मानक बनाए रखने और पेयजल व विश्राम गृह जैसी बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया। सरकार अब राज्य में नए पर्यटन केंद्रों की पहचान कर रही है ताकि उन्हें भी प्रमुख मानचित्र पर लाया जा सके। आने वाले समय में बिहार का धार्मिक पर्यटन एक नए और आधुनिक स्वरूप में नजर आएगा।

