Jharkhand News: झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने अपनी बहुप्रतीक्षित ‘जंबो’ कमेटी का आधिकारिक ऐलान रविवार को कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और सह प्रभारी भूपेंद्र मारावी ने संयुक्त रूप से नई टीम की घोषणा की। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अनुमोदन के बाद सात महत्वपूर्ण उप-समितियों का भी गठन किया गया है। इस नई संरचना का मुख्य उद्देश्य संगठन को धरातल पर मजबूत करना और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए कार्यकर्ताओं को एकजुट करना है।
प्रमुख चेहरों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
नई कमेटी में सामाजिक और राजनीतिक संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। सामाजिक कार्यकर्ता दयामनी बारला को सीधे उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो पार्टी के भीतर उनके बढ़ते कद को दर्शाता है। वहीं, अनुभवी नेता गोपाल साहू को प्रदेश कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पार्टी ने 16 उपाध्यक्षों और 43 महासचिवों की लंबी सूची जारी की है। इसमें राज्य के विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों के प्रमुख चेहरों को जगह दी गई है ताकि संगठन का विस्तार हो सके।
सात उप-समितियों का किया गया गठन
संगठन को सुचारू रूप से चलाने के लिए सात विशेष उप-समितियां बनाई गई हैं। इनमें राजनीतिक मामलों की समिति, समन्वय समिति, अभियान समिति और चुनाव प्रबंधन समिति जैसे महत्वपूर्ण नाम शामिल हैं। अंबा प्रसाद और बंधु तिर्की को कैंपेन कमेटी में जगह मिली है, जबकि प्रदीप यादव और सुबोधकांत सहाय परिसीमन कमेटी का हिस्सा होंगे। बन्ना गुप्ता को चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है। यह समितियां नीति निर्धारण और चुनाव संचालन में निर्णायक भूमिका निभाएंगी।
संसदीय और जिला स्तर पर कार्य विभाजन
नवनियुक्त पदाधिकारियों के बीच विभागों का बंटवारा सोमवार को किया जाएगा। योजना के अनुसार, 14 उपाध्यक्षों को एक-एक संसदीय क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी ताकि वे वहां संगठन को सक्रिय कर सकें। इसके अतिरिक्त, सभी महासचिवों को जिला अध्यक्षों के साथ मिलकर जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस को मजबूती देने के लिए तैनात किया जाएगा। नौ महासचिवों को संगठन, मीडिया, ट्रेनिंग और शिकायत निवारण जैसे विशेष आंतरिक कार्यों का दायित्व सौंपा जाना तय हुआ है।
कोआर्डिनेशन कमेटी में 34 दिग्गजों को जगह
पार्टी ने समन्वय सुनिश्चित करने के लिए 34 सदस्यीय कोआर्डिनेशन कमेटी का भी ऐलान किया है। इस सूची में पूर्णिमा नीरज सिंह, यशस्विनी सहाय और अनवर अहमद अंसारी जैसे नाम शामिल हैं। एसआईआर कमेटी में पूर्व प्रदेश अध्यक्षों जैसे डॉ. रामेश्वर उरांव और सुखदेव भगत को रखा गया है। यह अनुभवी टीम राज्य के ज्वलंत मुद्दों पर पार्टी का रुख तय करेगी। कांग्रेस ने इस नई टीम के जरिए गुटबाजी खत्म कर सामूहिक नेतृत्व का संदेश देने का प्रयास किया है।


