Jammu and Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर जिले में एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। रामनगर के खगोट क्षेत्र में रविवार को एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भयावह हादसे में 21 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं 31 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दुर्घटनास्थल पर कई एंबुलेंस भेजी गई हैं। घायलों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी चिकित्सा केंद्रों और अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है। कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। इस वजह से मृतकों की संख्या में और अधिक वृद्धि होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोग भी प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर राहत कार्य में जुटे हुए हैं।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने प्रशासन से की बात
इस भीषण बस हादसे पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से बचाव कार्यों की ताजा जानकारी साझा की। डॉ. सिंह ने बताया कि उन्होंने ऊधमपुर के जिला उपायुक्त मिंगा शेरपा से फोन पर विस्तार से बात की है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और पीड़ितों की हर संभव सहायता की जा रही है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने अपने पोस्ट में लिखा, “अभी-अभी ऊधमपुर के डीसी मिंगा शेरपा से बात कर गांव कनोत के पास हुए दुखद सड़क हादसे की जानकारी ली है। रामनगर से ऊधमपुर जा रही एक सार्वजनिक परिवहन बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया है।” उन्होंने हताहतों की संख्या अधिक होने की पुष्टि करते हुए आगे की कार्रवाई का जिक्र किया।
गंभीर घायलों को एयरलिफ्ट करने की तैयारी
केंद्रीय मंत्री ने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से जख्मी यात्रियों को वायु मार्ग से सुरक्षित स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने लिखा, “सभी संभावित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। घायलों को चिकित्सा सहायता के लिए स्थानांतरित किया जाएगा और गंभीर रूप से घायलों को एयरलिफ्ट करने की व्यवस्था भी की जा रही है।”
मंत्री ने यह भी बताया कि वह स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ अपनी कार्यकर्ताओं की टीम के साथ भी लगातार संपर्क में बने हुए हैं। वह राजिंदर शर्मा के नेतृत्व में स्थानीय स्तर पर चल रहे राहत प्रयासों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने दुर्घटना स्थल के आसपास के मार्गों पर यातायात को डायवर्ट कर दिया है। इससे क्षेत्र में आवाजाही आंशिक रूप से प्रभावित हुई है लेकिन बचाव वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है।
इलाके में सनसनी, सड़क सुधार की उठी मांग
इस दर्दनाक घटना ने पूरे रामनगर और ऊधमपुर इलाके में सनसनी फैला दी है। हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस तरह की दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि पहाड़ी मार्गों पर बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं सड़कों की खराब स्थिति और यातायात प्रबंधन में कमी को दर्शाती हैं।
लोगों ने सड़कों की तुरंत मरम्मत और चौड़ीकरण की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क सुधार कार्य नहीं किए गए तो आने वाले समय में भी इसी तरह के हादसे होते रहेंगे। पुलिस और प्रशासन फिलहाल घायलों के बेहतर इलाज और मृतकों के परिजनों को सहायता पहुंचाने पर पूरा ध्यान केंद्रित किए हुए हैं। दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए अधिकारियों द्वारा गहन जांच शुरू कर दी गई है।
