Himachal Pradesh News: मंडी जिले के सरकाघाट उपमंडल में हुए चर्चित सिया हत्याकांड में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, रोंगटे खड़े करने वाले खुलासे हो रहे हैं। नैण गांव की मासूम सिया की हत्या के आरोपी विकास को पुलिस आज सोमवार को फिर से न्यायालय में पेश करेगी। पुलिस आरोपी का दोबारा रिमांड हासिल करने की तैयारी में है ताकि वारदात की कड़ियों को पूरी तरह जोड़ा जा सके। पूछताछ के दौरान कातिल ने अपना गुनाह कबूल करते हुए ऐसी बातें कही हैं, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कातिल का सनसनीखेज बयान: ‘जो मिलता उसे मार देता’
आरोपी विकास ने पुलिस की कड़ी पूछताछ में बताया कि वह वारदात के दिन एक खौफनाक इरादे के साथ घर से निकला था। उसने कबूल किया कि उसके मन में उस समय इतनी नफरत और सनक थी कि वह रास्ते में आने वाले किसी भी व्यक्ति की जान ले लेता। जांच में यह चौंकाने वाली बात भी सामने आई है कि सिया से पहले उसे रास्ते में एक अन्य व्यक्ति भी मिला था। हालांकि, उस व्यक्ति का ध्यान विकास की तरफ था, इसलिए आरोपी वहां से चुपचाप निकल गया और उसे छोड़ दिया।
निशानदेही पर कबूला जुर्म, फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
शनिवार को जब पुलिस की टीम आरोपी विकास को घटनास्थल पर ले गई, तो उसने वहां बिना किसी पछतावे के अपना जुर्म स्वीकार किया। उसने पुलिस को विस्तार से बताया कि उसने किस तरह सिया पर हमला किया। फिलहाल पुलिस को फॉरेंसिक विशेषज्ञों की विस्तृत रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार है। आरोपी के कपड़ों और वारदात में इस्तेमाल किए गए दराट पर मिले साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। पुलिस इस मामले के हर वैज्ञानिक और तकनीकी पहलू को मजबूती से खंगालने में जुटी है।
सिर्फ बीड़ी के पैसों के लिए कर दी मासूम की हत्या?
पुलिस अब तक इस जघन्य हत्याकांड के पीछे आरोपी की मानसिक सनक को ही मुख्य कारण मान रही है। बताया जा रहा है कि बीड़ी पीने के लिए पैसे न मिलने की छोटी सी बात पर वह इतना भड़क गया कि उसने रास्ते में मिली सिया पर बेरहमी से सात वार किए। इन वारों के कारण सिया के शरीर पर 11 गहरे घाव हुए थे। हालांकि, आरोपी ने पहले यह कहकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी कि किसी लड़की ने उसकी शिकायत की थी, जिसका उसे गुस्सा था।
गुस्से की दलील को पुलिस ने किया खारिज
आरोपी विकास इस पूरी वारदात को महज गुस्से में किया गया हमला बताकर बचने की कोशिश कर रहा है। लेकिन पुलिस उसकी इस दलील को सिरे से खारिज कर रही है। पुलिस का मानना है कि यह एक सोची-समझी क्रूरता का परिणाम है। एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि मामले की गहराई से जांच जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। गांव के लोग इस घटना के बाद से सदमे में हैं और आरोपी के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।
