रांची में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा, अब बकाया चालान न चुकाने पर सड़क पर ही जब्त होगी गाड़ी

Ranchi News: अगर आप रांची में वाहन चलाते हैं और आपके ऊपर ट्रैफिक चालान का बकाया बाकी है तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। ट्रैफिक विभाग ने लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का ऐलान किया है। अब सिर्फ चालान काटकर छोड़ देने की परंपरा खत्म होने जा रही है। विभाग ने साफ संदेश दिया है कि “पे करो या गाड़ी छोड़ो”। बकाया राशि जमा नहीं करने की स्थिति में वाहनों को सड़क पर ही जब्त कर लिया जाएगा।

करीब 70 करोड़ रुपये से अधिक की बकाया राशि वसूलने में विफलता के बाद प्रशासन ने यह सख्त रवैया अपनाया है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 के दौरान विभिन्न ट्रैफिक उल्लंघनों पर कुल 84 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि इसमें से अब तक मात्र 10 करोड़ रुपये ही सरकारी खजाने में जमा हो पाए हैं। यह भारी अंतर विभाग के लिए एक गंभीर प्रशासनिक चुनौती बन गया है।

सड़क पर होगी सीधी जब्ती की कार्रवाई

ट्रैफिक पुलिस अब बार-बार नोटिस जारी करने की औपचारिकता से आगे बढ़कर सीधे मैदानी कार्रवाई पर उतर आई है। विभाग ने शहर के विभिन्न चौराहों और मुख्य सड़कों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाने की योजना बनाई है। इस दौरान अधिकारी डेटाबेस से वाहनों के पुराने रिकॉर्ड की जांच करेंगे। यदि किसी वाहन पर पेंडिंग चालान पाया गया तो उसे मौके पर ही सीज करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

रांची के ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि पहले बकायेदारों को एक अंतिम अवसर दिया जाएगा और उन्हें भुगतान के लिए औपचारिक नोटिस भेजा जाएगा। लेकिन यदि तय समय सीमा के भीतर राशि जमा नहीं की गई तो फिर किसी प्रकार की और चेतावनी नहीं दी जाएगी। इसके बाद वाहन को सीधे जब्त कर लिया जाएगा।

युवाओं और दोपहिया चालकों की बड़ी भूमिका

विभागीय विश्लेषण में यह सामने आया है कि यातायात नियमों की अनदेखी करने में युवा वर्ग सबसे आगे है। बिना हेलमेट के बाइक चलाना, तेज रफ्तार से वाहन फर्राटा भरना, लाल बत्ती तोड़कर निकल जाना और रॉन्ग साइड ड्राइविंग जैसे मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि खासतौर पर दोपहिया वाहन चालकों में यह लापरवाही अधिक देखने को मिल रही है। यही कारण है कि चालान की संख्या और बकाया राशि दोनों में तेजी से इजाफा हो रहा है।

दिलचस्प बात यह है कि विभाग ने लोगों की सुविधा के लिए चालान भुगतान की पूरी तरह से ऑनलाइन और डिजिटल व्यवस्था कर रखी है। घर बैठे मोबाइल से चालान का भुगतान करने की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद लोग इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि यह सिर्फ सुविधा न होने की समस्या नहीं है बल्कि यह नागरिकों की गहरी उदासीनता और कर्तव्यों के प्रति अनदेखी का परिणाम है।

जागरूकता अभियानों के बाद अब सख्ती पर जोर

ट्रैफिक प्रशासन इस पूरे मामले में केवल दंडात्मक कार्रवाई पर ही निर्भर नहीं है। शहर के स्कूलों, कॉलेजों और व्यस्त सार्वजनिक स्थानों पर नियमित रूप से जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों के पालन के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। लेकिन जब बार-बार समझाने के बाद भी लोगों की आदतों में कोई सुधार नहीं दिखा तो विभाग के पास सख्ती बरतने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।

इस बीच विभाग ने वर्ष 2025 के महीनेवार चालान के आंकड़े भी जारी किए हैं जिससे यह स्पष्ट होता है कि किस दौरान कितना जुर्माना लगाया गया। यह आंकड़े इस प्रकार हैं: महीना चालान राशि (रुपए में) जनवरी 12,66,125 फरवरी 5,98,510 मार्च 6,42,205 अप्रैल 3,85,060 मई 5,39,460 जून 9,35,835 जुलाई 1,16,175 अगस्त 11,99,515 सितंबर 11,07,795 अक्टूबर 9,59,835 नवंबर 9,46,455 दिसंबर 11,78,560

रांची ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने दोहराया कि जुर्माना वसूली के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी रहेगी। सबसे पहले बकायेदारों को नोटिस जारी कर भुगतान का अवसर प्रदान किया जाएगा। इसके उपरांत भी यदि चालान जमा नहीं किए गए तो संबंधित वाहन को जब्त करने की कार्रवाई में कोई देरी नहीं की जाएगी।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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