Jammu and Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए खौफनाक आतंकी हमले को बाईस अप्रैल को एक साल पूरा हो जाएगा। इस दर्दनाक हमले में छब्बीस मासूम लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। इसके बाद पूरे देश में पाकिस्तान और आतंकवादियों के खिलाफ भारी आक्रोश था। अब इस बरसी से ठीक पहले भारतीय सेना ने बड़ा बयान दिया है। सेना ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान और आतंकियों को सख्त चेतावनी दी है। भारत ने दुश्मनों को अपनी ताकत का कड़ा संदेश दिया है।
भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर दी कड़ी चेतावनी
भारतीय सेना ने एक्स प्लेटफॉर्म पर बहुत कड़ा संदेश लिखा है। सेना ने स्पष्ट कहा है कि मानवता की सीमाएं पार होने पर निर्णायक प्रतिक्रिया मिलती है। सेना ने न्याय मिलने और देश के एकजुट होने की बात कही है। आतंकियों को चेतावनी दी गई है कि कुछ सीमाएं कभी नहीं लांघनी चाहिए। पोस्ट में ऑपरेशन सिंदूर का विशेष रूप से जिक्र किया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सेना के जांबाजों की जमकर सराहना की है।
ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए थे सौ खूंखार आतंकी
पहलगाम आतंकी हमले के प्रतिशोध में भारत ने सात मई को कड़ा कदम उठाया था। भारतीय सशस्त्र बलों ने देर रात पाकिस्तान और कब्जे वाले कश्मीर में मिसाइल हमले किए। इन हमलों में कुल नौ आतंकी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। इनमें जैश और लश्कर के कई प्रमुख अड्डे शामिल थे। सेना के इस भीषण हमले में करीब सौ खूंखार आतंकी मारे गए थे। यह सेना की बड़ी और ऐतिहासिक सफलता मानी जाती है।
भारत ने महज तीन घंटे में दिया मुंहतोड़ जवाब
भारत की इस सख्त कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने भी पलटवार की नाकाम कोशिश की थी। उसने भारतीय इलाकों पर हमला करने का भारी दुस्साहस किया था। इसके जवाब में भारतीय सेना ने महज तीन घंटे के भीतर जबरदस्त पलटवार किया। भारत ने नूर खान और सरगोधा समेत ग्यारह पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया। सियालकोट, सुक्कुर और जैकोबाबाद जैसे एयरबेस को सटीक निशाना बनाया गया। तीनों सेनाओं ने संयुक्त रूप से इस पूरी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
आतंकी हमलों को माना जाएगा युद्ध की सीधी कार्रवाई
पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कई कड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए। भारत सरकार ने तुरंत प्रभाव से पाकिस्तान संग सिंधु जल संधि निलंबित कर दी। इस कड़े कदम से पाकिस्तान के हितों को भारी नुकसान पहुंचा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नया राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत स्थापित किया है। इसके तहत भविष्य के किसी भी आतंकवादी हमले को युद्ध माना जाएगा। इस मजबूत कूटनीतिक नीति को दुनिया में व्यापक समर्थन मिला है।
