Bihar News: बिहार में मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभालने के बाद सम्राट चौधरी के सामने अब बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है। जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए रोजगार के वादों को धरातल पर उतारने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि केवल चर्चा और पोस्टरबाजी से काम नहीं चलेगा बल्कि युवाओं को असल में रोजगार मिलना चाहिए।
तेज प्रताप यादव ने राजधानी पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राज्य की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने चुनाव से पहले भी नौकरियों के बड़े-बड़े दावे किए थे लेकिन जमीनी हकीकत आज भी नहीं बदली है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को आगाह किया कि यदि युवाओं को रोजगार का अवसर नहीं मिला तो पलायन की गति और तेज हो जाएगी।
पोस्टर और चर्चा से नहीं बदलेगी तस्वीर
पूर्व मंत्री ने अपने बयान में सरकार की कार्यशैली पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “बेरोजगारी के क्षेत्र में वो अच्छा काम कर रहे हैं और उन्होंने नौकरी देने की बात की है। लेकिन केवल बात ही नहीं और पोस्टर पर नहीं, उसे धरातल पर उतारना चाहिए। लोगों को असल में रोजगार मिलना चाहिए।” तेज प्रताप का इशारा राज्य सरकार की उन विज्ञापन योजनाओं की ओर था जो अक्सर हेडलाइन बनकर रह जाती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि युवाओं के हाथों में काम हो। बिहार की अर्थव्यवस्था तभी पटरी पर लौट सकती है जब राज्य के लोग यहीं रहकर कमाएंगे और खाएंगे। तेज प्रताप ने स्पष्ट किया कि वह सिर्फ विरोध के लिए बयान नहीं दे रहे हैं बल्कि वह चाहते हैं कि बिहार का युवा पलायन करने को मजबूर न हो। उन्होंने महिलाओं के लिए भी रोजगार के समान अवसर सुनिश्चित करने की पैरवी की।
पलायन और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता
तेज प्रताप यादव ने बिहार से हो रहे बड़े पैमाने पर पलायन को एक गंभीर सामाजिक समस्या करार दिया। उन्होंने कहा कि जब युवा वर्ग को अपने ही राज्य में काम नहीं मिलता है तो वह मजबूरी में दूसरे राज्यों का रुख करता है। बाहर जाने के बाद ये युवा कई बार अकेलेपन और बेरोजगारी के चलते नशे की गिरफ्त में भी फंस जाते हैं जिससे उनका पूरा जीवन बर्बाद हो जाता है।
राजद नेता ने कहा, “हमने तो लगातार कहा है कि युवाओं के लिए रोजगार होना चाहिए। जिस तरह से लोग बिहार में पलायन कर रहे हैं और युवा पीढ़ी नशे का शिकार हो रही है, इन सबसे बचने का एकमात्र रास्ता रोजगार है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर युवाओं को एक आधार मिल जाएगा तो वह अपने पैरों पर खड़े होंगे और अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकेंगे।
युवाओं और महिलाओं के लिए समान अवसर की मांग
तेज प्रताप यादव ने अपने वक्तव्य में केवल युवाओं तक ही सीमित नहीं रहे बल्कि उन्होंने महिलाओं को भी आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने की वकालत की। उनका कहना था कि रोजगार का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रोजगार की बात कर रहे हैं लेकिन इसे अमल में लाना ही असली चुनौती है।
उन्होंने कहा कि यदि युवाओं और महिलाओं को उनके कौशल के अनुरूप काम मिल जाता है तो इससे राज्य की अपराध दर में भी कमी आएगी। तेज प्रताप ने सरकार को सुझाव दिया कि वह छोटे और मझोले उद्योगों को बढ़ावा दे ताकि स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें। उन्होंने दोहराया कि “कमाएंगे और खाएंगे” का सिद्धांत ही बिहार को आत्मनिर्भर बना सकता है।
