Career News: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों को लेकर राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। प्रदेश के 151 सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में गैर शिक्षकों की नई भर्ती बिल्कुल नहीं होगी। सरकार ने क्लर्क और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए नई योजना बनाई है। अब शिक्षा उपनिदेशालय और खंड कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों का युक्तीकरण किया जाएगा। कुछ पदों को पदोन्नत करके इन स्कूलों में भेजा जाएगा। शिक्षा विभाग ने इस प्रक्रिया का पूरा प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है।
पहले चरण में भरे जाएंगे 604 पद
शिक्षा विभाग के निदेशक आशीष कोहली ने इस युक्तीकरण का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया है। सरकार से हरी झंडी मिलते ही यह प्रक्रिया तुरंत शुरू होगी। पहले चरण में 604 गैर शिक्षक कर्मचारियों की नियुक्ति होगी। स्कूलों में ये पद भरे जाएंगे:
- अधीक्षक ग्रेड-वन का एक पद
- अधीक्षक ग्रेड-टू का एक पद
- वरिष्ठ सहायक का एक पद
- लिपिक के चार-चार पद
हर स्कूल में अनिवार्य रूप से इन पदों को भरा जाएगा।
खाली पदों के बावजूद युक्तीकरण का निर्णय
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीईईओ कार्यालयों में वर्तमान में 2105 पद स्वीकृत हैं। इनमें 402 वरिष्ठ सहायक और 886 लिपिक के पद पूरी तरह खाली हैं। करीब 1208 पद रिक्त होने के बावजूद सरकार ने युक्तीकरण का फैसला लिया है। सरकार ने दो साल पहले कार्यालयों में क्लस्टर प्रणाली लागू की थी। इस कारण कार्यालयों में काम का बोझ काफी कम हो गया है। इसलिए नई भर्ती करने के बजाय मौजूद स्टाफ का उपयोग होगा।
पदोन्नति से कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
विभाग की नई योजना के तहत पुराने कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा। जिन कार्यालयों में वरिष्ठ सहायक के पांच पद स्वीकृत हैं, वहां दो पदों को अपग्रेड किया जाएगा। इन पदों को अधीक्षक ग्रेड-वन बनाया जाएगा। वहीं, जिन कार्यालयों में छह से अधिक क्लर्क पद रिक्त हैं, वहां से अतिरिक्त क्लर्क स्थानांतरित होंगे। इन कर्मचारियों को सीबीएसई से संबद्ध स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में भेजा जाएगा। इस पूरी पदोन्नति प्रक्रिया पर सरकार करीब 2.81 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
शिक्षकों पर नहीं होगा गैर-शैक्षिक कार्य का बोझ
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अब शिक्षकों की ड्यूटी गैर-शैक्षिक कार्यों में बिल्कुल नहीं लगेगी। स्कूलों में पर्याप्त गैर-शिक्षण स्टाफ उपलब्ध कराया जाएगा। इससे सभी शिक्षक केवल बच्चों की पढ़ाई पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। इस बदलाव से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है। दूसरी ओर, सरकार ने स्कूलों के लिए शिक्षक भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। कुछ पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। शिक्षकों का नया सब-कैडर बना है।
