West Bengal News: भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में सुरक्षा एजेंसियों को बड़े सुराग मिले हैं। जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड के तार पड़ोसी देशों पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े हो सकते हैं। हत्या में इस्तेमाल की गई विदेशी पिस्टल ने इस साजिश की गहराई की ओर इशारा किया है। अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि सीमा पार से हथियारों की तस्करी का इस मामले में क्या संबंध है।
विदेशी ग्लॉक पिस्टल का हुआ इस्तेमाल
सूत्रों के मुताबिक चंद्रनाथ रथ की हत्या में ऑस्ट्रिया निर्मित ‘ग्लॉक G43x’ पिस्टल का उपयोग किया गया था। यह एक अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक हथियार है जो भारत में आधिकारिक तौर पर बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है। हमलावरों ने चंद्रनाथ के सिर, सीने और पेट पर एक दर्जन से अधिक राउंड फायरिंग की थी। अत्यधिक खून बहने के कारण उन्होंने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया था। मौके से बरामद खाली कारतूसों ने हथियार की पहचान सुनिश्चित की है।
लाखों की कीमत और तस्करी का संदेह
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इतनी महंगी पिस्टल किसी सामान्य अपराधी की पहुंच से बाहर है। एक ग्लॉक पिस्टल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये होती है। आशंका है कि हत्या की सुपारी देने वाले मास्टरमाइंड ने ही शूटरों को यह अत्याधुनिक हथियार उपलब्ध कराया था। पिछले कुछ समय में खुफिया इनपुट मिले हैं कि पाकिस्तान स्थित हैंडलर तस्करी के जरिए इस तरह के हथियार भारत की सीमाओं के भीतर भेज रहे हैं।
सीमा पार से हथियारों की सप्लाई का रिकॉर्ड
हालिया सुरक्षा रिकॉर्ड बताते हैं कि 26 मार्च को भारत-पाकिस्तान सीमा से भारी मात्रा में विदेशी हथियार जब्त किए गए थे। इनमें तुर्की की जिगाना, अमेरिका की बेरेटा और चीन की नोरिन्को के साथ ऑस्ट्रियाई ग्लॉक पिस्टल भी शामिल थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान से अवैध हथियारों की सप्लाई का एक सक्रिय नेटवर्क काम कर रहा है। सुरक्षा बल अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या वही नेटवर्क बंगाल में भी सक्रिय है।
साजिश के पीछे बड़े आकाओं का हाथ
अधिकारी अब इस महत्वपूर्ण सवाल का जवाब तलाश रहे हैं कि यह हथियार पंजाब या बांग्लादेश के रास्ते पश्चिम बंगाल पहुंचा। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर में विदेशी हथियारों का उपयोग किसी बड़ी राजनीतिक या आतंकी साजिश का हिस्सा हो सकता है। जांच का मुख्य केंद्र वह व्यक्ति है जिसके संबंध सीमा पार बैठे आकाओं से हैं। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि क्या यह महज एक हत्या है या राज्य की शांति भंग करने की कोशिश है।
पश्चिम बंगाल में सुरक्षा की स्थिति
चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद से राज्य में सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हो गई हैं। विदेशी हथियारों का बरामद होना स्थानीय कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रहा है। मध्यमग्राम के जिस इलाके में यह वारदात हुई, वहां के सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों की गतिविधियों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पुष्टि कर रही हैं कि हत्यारों ने वारदात के बाद हथियार कहां छिपाए या नष्ट किए।

