Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बेहद बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने हिमाचल पथ परिवहन निगम के हजारों कर्मचारियों को शानदार तोहफा दिया है। अब इन कर्मचारियों के अनुबंध सेवाकाल की गिनती भी पेंशन के लिए की जाएगी। एचआरटीसी प्रबंधन ने सुप्रीम कोर्ट के एक अहम फैसले के बाद यह बड़ा कदम उठाया है। इस ऐतिहासिक फैसले से उन सभी कर्मचारियों को सीधा फायदा होगा जो लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जारी हुए नए आदेश
एचआरटीसी के कार्यकारी निदेशक नरेश वर्मा ने इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। निगम प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय राज्य सरकार के दस जून दो हजार चौबीस के एक मेमोरेंडम पर आधारित है। यह मेमोरेंडम शीला देवी मामले में अदालत के फैसले के बाद जारी किया गया था। अब सरकार ने इन्हीं निर्देशों को एचआरटीसी के सभी कर्मचारियों पर भी पूरी तरह से लागू करने की अंतिम मंजूरी दे दी है।
इन जिलों के अधिकारियों को मिला सख्ती से पालन का निर्देश
कार्यकारी निदेशक ने निगम के सभी बड़े अधिकारियों को नए आदेशों का तुरंत पालन करने को कहा है। उन्होंने शिमला, मंडी, धर्मशाला और हमीरपुर के मंडलीय प्रबंधकों को कड़े निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को भी इन नियमों को लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वित्त और लेखा विभाग से जुड़ी सभी संबंधित शाखाओं को भी पेंशन की गणना के लिए जरूरी कागजी कार्रवाई जल्द से जल्द पूरी करने के सख्त आदेश दिए गए हैं।
लंबे समय तक सेवाएं देने वाले कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
राज्य सरकार और निगम के इस फैसले से मुख्य रूप से उन कर्मचारियों को भारी राहत मिलेगी जिन्होंने अपनी नियमित नियुक्ति से पहले एक लंबे समय तक अनुबंध के आधार पर विभाग में अपनी सेवाएं दी हैं। पहले इस संविदा अवधि को पेंशन लाभ के लिए नहीं जोड़ा जाता था। लेकिन अब इस नए नियम के बाद कर्मचारियों की कुल सेवा अवधि बढ़ जाएगी। इससे उनके रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन की राशि में भारी इजाफा होगा।
