Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी स्थित जोगेंद्रनगर में एक सरकारी स्कूल ने नया इतिहास रच दिया है। पीएमश्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ने शिक्षा के क्षेत्र में अद्भुत क्रांति ला दी है। इस सरकारी स्कूल में दाखिले के लिए छात्रों की भारी भीड़ उमड़ रही है। सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू होने के बाद यहां 1051 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। यह आंकड़ा पूरे जिले में एक कीर्तिमान है। सरकारी शिक्षा पर अभिभावकों का भरोसा कायम हुआ है।
प्राइवेट स्कूलों से सरकारी स्कूल की ओर रुख
आज के समय में लोग अच्छी शिक्षा के लिए प्राइवेट स्कूलों को चुनते हैं। वे भारी-भरकम फीस चुकाने से भी पीछे नहीं हटते हैं। लेकिन जोगेंद्रनगर के इस स्कूल ने पुरानी धारणा को पूरी तरह से बदल दिया है। इस शैक्षणिक सत्र में 241 छात्रों ने प्राइवेट स्कूलों को छोड़ दिया है। इन बच्चों ने अब इस सरकारी पाठशाला में अपना दाखिला करवाया है। इसके अलावा 134 छात्र दूसरे सरकारी स्कूलों से भी यहां पढ़ने आए हैं।
बेटियों का दबदबा और विशेष छात्रों का ध्यान
दाखिले के इन नए आंकड़ों में बेटियों ने भी अपना शानदार परचम लहराया है। ग्यारहवीं कक्षा के मेडिकल संकाय में 33 छात्राओं ने प्रवेश लिया है। आर्ट्स और अन्य विषयों में भी लड़कियों की संख्या लड़कों से काफी आगे है। इस स्कूल की संवेदनशीलता भी समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। यहां विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग छात्रों के लिए खास सुविधाएं मौजूद हैं। तीन विशेष छात्रों को प्रशासन ने पूरी मदद का पक्का भरोसा दिया है।
प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं के प्रमुख आंकड़े
स्कूल में प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं के लिए भी भारी उत्साह है। पहली कक्षा में 12 छात्र और 21 छात्राएं पढ़ रही हैं। दूसरी में 5 छात्र और 13 छात्राएं मौजूद हैं।
- बालवाटिका प्रथम: 11 छात्र और 6 छात्राएं।
- छठी कक्षा: 42 छात्र और 38 छात्राएं।
- नौवीं कक्षा: 60 छात्र और 60 छात्राएं।
दसवीं कक्षा में 40 छात्र और 56 छात्राएं नामांकित हैं। बच्चों की बढ़ती संख्या एक बड़ी उपलब्धि बन गई है।
उच्च माध्यमिक कक्षाएं और स्कूल का विजन
ग्यारहवीं के आर्ट्स में 36 छात्र और 44 छात्राएं मौजूद हैं। बारहवीं आर्ट्स में 52 छात्र और 77 छात्राओं ने दाखिला लिया है। मेडिकल में 5 छात्र और 34 छात्राएं पढ़ रही हैं। प्रधानाचार्य मनोज चौहान ने इस सफलता पर खुशी जताई है। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है। वे सीबीएसई के उच्च मानकों के साथ बच्चों का समग्र विकास चाहते हैं। अभिभावकों का विश्वास पूरे स्टाफ के लिए गर्व का विषय है।
