West Bengal News: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान बिहार की भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने एक विवादित बयान देकर राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। सोमवार को उत्तर 24 परगना जिले के अशोकनगर में उन्होंने जनता को संबोधित किया। मैथिली ठाकुर ने लोगों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि राज्य को “बांग्लादेश बनने से बचाना होगा।” उन्होंने दावा किया कि बंगाल की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है।
“वंदे मातरम्” बोलने में संकोच पर जताई हैरानी
भाजपा प्रत्याशी डॉ. सुमय हीरा के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम में मैथिली ठाकुर काफी आक्रामक नजर आईं। उन्होंने कहा कि आज बंगाल में ऐसी स्थिति बन गई है कि भारत में रहकर भी लोग “वंदे मातरम्” बोलने में संकोच महसूस करते हैं। विधायक ने भावुक होते हुए कहा कि वह ऐसी किसी स्थिति की कल्पना भी नहीं कर सकतीं। उन्होंने इस मुद्दे को बंगाल की अस्मिता और राष्ट्रवाद से जोड़ते हुए विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया।
बंगाल की संस्कृति और अस्तित्व बचाने की अपील
मैथिली ठाकुर पिछले दो दिनों से पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में चुनाव प्रचार कर रही हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्होंने भाजपा के प्रति आम लोगों का भारी समर्थन और स्नेह देखा है। विधायक ने कहा कि वर्तमान सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप चारों तरफ सुनाई दे रहे हैं। उन्होंने मतदाताओं से आग्रह किया कि बंगाल की गौरवशाली संस्कृति और अस्तित्व को सुरक्षित रखने के लिए भाजपा के पक्ष में मतदान करें।
बिहार और बंगाल के पुराने संबंधों का किया जिक्र
अपने भाषण के दौरान मैथिली ठाकुर ने बिहार और पश्चिम बंगाल के पुराने रिश्तों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि वह बचपन से देखती आई हैं कि बिहार के लोग काम की तलाश में बंगाल आते हैं। यहाँ के लोग बड़े दिलवाले हैं और बाहरी लोगों को अपने परिवार का पेट पालने में मदद करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यहाँ की जनसांख्यिकी और सुरक्षा से खिलवाड़ हुआ, तो इसका बुरा असर पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा।
एकजुट होकर मतदान करने का दिया संदेश
विधायक ने अशोकनगर की जनता से अपील की कि वे अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए घरों से बाहर निकलें। उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश जैसी अस्थिरता की ओर बढ़ने से रोकना होगा। इसके लिए सभी वर्गों को एकजुट होकर मतदान करना अनिवार्य है। मैथिली ठाकुर के इस बयान के बाद तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग और तेज होने की संभावना है।
