Maharashtra News: महाराष्ट्र में धर्मांतरण को लेकर छिड़ा विवाद अब शिरडी के गलियारों तक पहुंच गया है। शिरडी स्थित एक प्रतिष्ठित रिटेल स्टोर में काम करने वाले युवक के कथित धर्म परिवर्तन ने शहर में भारी तनाव पैदा कर दिया है। स्टोर में काम करने वाले कर्मचारी पर ही युवक का ‘ब्रेनवॉश’ करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस घटना के सामने आते ही स्थानीय संगठनों ने स्टोर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
अश्विन से ‘मुस्तफा’ बनने के दावों ने बढ़ाया तनाव
शिरडी के डीमार्ट स्टोर में काम करने वाले ‘अश्विन’ नामक युवक को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है। सोशल मीडिया पर तेजी से यह दावा किया जा रहा है कि युवक ने अपना धर्म बदलकर नया नाम ‘मुस्तफा’ रख लिया है। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इन दावों की पुष्टि नहीं की है। इस खबर के फैलते ही स्टोर में काम करने वाले करीब 150 कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच हड़कंप मच गया।
ब्रेनवॉश और उकसाने का संगीन आरोप
शिरडी के हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने स्टोर पहुंचकर प्रबंधन से जवाब मांगा। आरोप है कि स्टोर के ही एक अन्य कर्मचारी ने साजिश के तहत युवक को अपना धर्म बदलने के लिए मजबूर किया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह मामला सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। देर रात तक बड़ी संख्या में लोग स्टोर के बाहर डटे रहे और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते रहे।
पुलिस ने शुरू की मामले की गहन जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वे किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं। संबंधित कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पुलिस ने साफ किया है कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल स्टोर और उसके आसपास के क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात है।
महाराष्ट्र में धर्मांतरण के मामलों में आई तेजी
राज्य में धर्मांतरण से जुड़ी यह पहली घटना नहीं है। हाल ही में नासिक के एक आईटी संस्थान में महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के प्रयासों के बाद एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है। शिरडी क्षेत्र में भी पूर्व में एक नाबालिग पर शादी और मजहब बदलने के दबाव के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है। इन लगातार बढ़ती घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन और समाज के बीच चिंता बढ़ा दी है।
