Haryana News: गुरुग्राम में नकली जीवनरक्षक दवाओं के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। ड्रग कंट्रोल विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने नकली ‘माउनजारो’ (Mounjaro) इंजेक्शन बनाने वाले एक शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपित चीन से कच्चा माल मंगाकर अपने घर में ही यह खतरनाक इंजेक्शन तैयार कर रहा था। इसे टाइप-2 डायबिटीज और मोटापा कम करने के लिए ऑनलाइन बेचा जा रहा था। यह दवा सेहत के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
चीन से आता था कच्चा माल और घर पर होती थी पैकिंग
पकड़ा गया मुख्य आरोपित अवि शर्मा सोहना के सेक्टर-2 का निवासी है। वह अलीबाबा वेबसाइट के जरिए चीन से कच्चा माल मंगाता था। इसके बाद वह गुरुग्राम के सेक्टर-62 स्थित एक हाई-प्रोफाइल सोसाइटी के फ्लैट में सिरिंज के जरिए दवा भरकर इंजेक्शन तैयार करता था। जांच टीम को वहां से 20 तैयार इंजेक्शन, नकली पैकिंग डिब्बे और मार्का लगाने का सामान मिला है। वह चीन से हाई-टेक मशीन मंगवाने की भी योजना बना रहा था।
इंडियामार्ट पर 28 हजार में बेची जा रही थी मौत
पूछताछ में सामने आया कि आरोपित इन नकली इंजेक्शनों को ‘इंडियामार्ट’ के जरिए ऑनलाइन बेचता था। बाजार में एक असली माउनजारो इंजेक्शन की कीमत लगभग 27 से 28 हजार रुपये है। ड्रग कंट्रोल अधिकारी अमनदीप चौहान ने बताया कि आरोपित के पास कोई लाइसेंस नहीं था। अब इंडियामार्ट से भी जवाब मांगा जाएगा कि बिना वैध दस्तावेजों के दवा बेचने की अनुमति कैसे दी गई। इन नमूनों को अब लैब में जांच के लिए भेजा गया है।
वजन घटाने के चक्कर में जान को जोखिम
माउनजारो मूल रूप से यूएसए की एक कंपनी की दवा है, जो इटली से आयात की जाती है। चूंकि आजकल वजन घटाने के लिए इस दवा की मांग बहुत बढ़ गई है, इसी का फायदा जालसाजों ने उठाया। विशेषज्ञों का कहना है कि घर में बने इन नकली इंजेक्शनों में मौजूद तत्व शरीर के अंगों को फेल कर सकते हैं। कंपनी को भी सूचित कर दिया गया है कि उनके ब्रांड नाम का इस्तेमाल कर कालाबाजारी की जा रही थी।
नकली दवाओं के जाल से कैसे बचें?
ड्रग कंट्रोल विभाग ने आम जनता के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। हमेशा डॉक्टर की लिखित सलाह पर ही ऐसी गंभीर दवाओं का इस्तेमाल करें। किसी भी स्थिति में भारी छूट के लालच में आकर ऑनलाइन दवाएं न खरीदें। हमेशा पंजीकृत मेडिकल स्टोर से ही खरीदारी करें और पक्का बिल जरूर मांगें। बिल न देना या ऑनलाइन संदिग्ध वेबसाइट से दवा मंगाना आपकी जान के लिए भारी पड़ सकता है। प्रशासन अब मामले की गहराई से जांच कर रहा है।
