चंडीगढ़ में मधु किश्वर पर बड़ी कानूनी कार्रवाई! भ्रामक वीडियो पोस्ट करने पर पुलिस ने कसा शिकंजा, जानें क्या है पूरा सच

Chandigarh News: चंडीगढ़ में सोशल मीडिया पर फर्जी और भ्रामक कंटेंट फैलाने के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। शहर के सेक्टर-26 थाने में जानी-मानी हस्ती मधु किश्वर और अन्य सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इन पर एक ट्रैवल व्लॉगर के वीडियो को गलत संदर्भ और आपत्तिजनक भाषा के साथ वायरल करने का आरोप है। पुलिस ने यह कार्रवाई 19 अप्रैल 2026 को मिली एक लिखित शिकायत के आधार पर की है।

ट्रैवल व्लॉगर की छवि बिगाड़ने की साजिश

जांच में सामने आया कि जिस वीडियो को लेकर विवाद खड़ा किया गया, वह असल में एक ट्रैवल व्लॉगर का है। यह वीडियो सबसे पहले व्लॉगर की पत्नी ने ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर किया था। पुलिस को दिए बयान में महिला ने पुष्टि की है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति उसका पति है। जानबूझकर वीडियो के साथ अश्लील शब्द और भ्रामक जानकारी जोड़ी गई ताकि संबंधित व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया जा सके।

बीएनएस और आईटी एक्ट की कई धाराएं लागू

चंडीगढ़ पुलिस ने इस मामले को सार्वजनिक शांति भंग करने और किसी की छवि खराब करने की गंभीर कोशिश माना है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 318, 340, 353 और 356 समेत कई कड़े प्रावधान लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, तकनीकी अपराधों के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एक्ट की धारा 66C, 66D और 67 के तहत भी केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर झूठ फैलाना दंडनीय अपराध है।

जांच के दायरे में कई सोशल मीडिया हैंडल्स

पुलिस प्रशासन अब उन सभी हैंडल्स की बारीकी से जांच कर रहा है जिन्होंने इस फर्जी कंटेंट को बिना जांचे शेयर किया। जांच का मुख्य उद्देश्य इस भ्रम के पीछे छिपे असली मकसद और लोगों का पता लगाना है। शुरुआती जांच में वीडियो में मौजूद अन्य महिला और पीड़ित पति के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी असत्यापित वीडियो को आगे साझा करने से बचें, अन्यथा उन्हें भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

शांति और प्रतिष्ठा बनाए रखने की चुनौती

चंडीगढ़ पुलिस के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में बदलाव कर उसे गलत तरीके से पेश करना कानूनन जुर्म है। इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल सबूत जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया की आजादी का दुरुपयोग कर किसी की निजी जिंदगी में दखल देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, पुलिस की साइबर सेल इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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