Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक युवा दारोगा को रिश्वत लेना बहुत भारी पड़ गया। एंटी करप्शन टीम ने पल्लवपुरम थाने के सब-इंस्पेक्टर छत्रपाल सिंह को 10 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। दारोगा की गिरफ्तारी का असर सिर्फ उसकी नौकरी पर ही नहीं पड़ा। इस शर्मनाक हरकत की वजह से एक बड़े राजनीतिक परिवार से उसकी होने वाली शादी भी टूट गई है।
पत्नी का नाम हटाने के लिए मांगी थी घूस
यह पूरा मामला नवंबर 2025 में दर्ज एक गांजा तस्करी केस से जुड़ा है। पुलिस ने दाउद, साहिल और स्थानीय निवासी मनीष को गिरफ्तार किया था। इस मामले में मनीष की पत्नी सीमा को भी आरोपी बनाया गया था। केस की जांच 2023 बैच के दारोगा छत्रपाल सिंह कर रहे थे। जेल से छूटने के बाद मनीष ने अपनी पत्नी को निर्दोष बताते हुए नाम हटवाने की गुहार लगाई। दारोगा ने इसके बदले एक बड़ी रकम की मांग रख दी।
पैसे लेने के बावजूद नहीं दी क्लीनचिट
मनीष ने दारोगा को पहले एक लाख रुपये की रकम दे दी थी। इतने पैसे लेने के बावजूद छत्रपाल ने पत्नी का नाम केस से नहीं हटाया। इसके बाद दारोगा ने 50 हजार रुपये और मांगे। काफी मिन्नतों के बाद अगली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये देना तय हुआ। लगातार हो रही पैसों की मांग से परेशान होकर मनीष ने एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क किया। उसने ब्यूरो की टीम को दारोगा की सारी सच्चाई बता दी।
एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ किया गिरफ्तार
शिकायत मिलने के बाद इंस्पेक्टर दुर्गेश कुमार की टीम ने 25 अप्रैल को पल्लवपुरम थाने में जाल बिछाया। तय योजना के तहत मनीष ने जैसे ही दारोगा को 10 हजार रुपये सौंपे, टीम ने उसे दबोच लिया। थाने के अंदर हुई इस अचानक कार्रवाई से पुलिसकर्मियों में खलबली मच गई। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर भ्रष्ट दारोगा को तुरंत जेल भेज दिया गया। एक छोटी सी लालच ने इस युवा अधिकारी का पूरा करियर बर्बाद कर दिया।
कैबिनेट मंत्री के परिवार ने तोड़ा रिश्ता
भ्रष्टाचार के इस मामले ने छत्रपाल सिंह की निजी जिंदगी में भूचाल ला दिया। बरेली निवासी इस दारोगा की शादी प्रदेश के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह की भतीजी से तय थी। दोनों परिवारों में शादी की तैयारियां जोरों पर थीं। आगामी 5 मई को विवाह होना था। लेकिन रिश्वत कांड की खबर जैसे ही मंत्री के परिवार तक पहुंची, उन्होंने तुरंत यह रिश्ता तोड़ दिया। चंद रुपयों की लालच ने दरोगा के सारे सपने खत्म कर दिए।
