चीन की कोशिशें फेल! अफगानिस्तान पर पाकिस्तान ने दागे रॉकेट, 70 लोग खून से लथपथ; डूरंड रेखा पर भड़की भीषण जंग

International News: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड रेखा पर फिर से भीषण तनाव भड़क गया है। काबुल सरकार ने दावा किया है कि पाकिस्तानी सेना ने कुनार प्रांत में मोर्टार और रॉकेट से भारी हमले किए हैं। इस खौफनाक हमले में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, तीस छात्रों सहित कुल सत्तर लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस ताजा हिंसक हमले ने सीमा क्षेत्र में चीन की मध्यस्थता वाली शांति प्रक्रिया को एक बहुत बड़ा झटका दिया है।

पाकिस्तानी सेना पर रॉकेट दागने का आरोप

अफगान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने पाकिस्तानी सेना के इस भयानक हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि पाकिस्तान ने कुनार प्रांत के असदाबाद और मनवर जिले में भारी बमबारी की है। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने इन सभी गंभीर आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पाकिस्तानी सूचना मंत्रालय का कहना है कि उनकी सैन्य कार्रवाई पूरी तरह सटीक और खुफिया जानकारी पर आधारित होती है। पाकिस्तान ने अफगान दावों को फर्जी करार दिया।

पाकिस्तानी दूत को काबुल में किया तलब

इस खूनी संघर्ष के बाद दोनों मुल्कों के बीच कूटनीतिक रिश्ते बेहद तल्ख हो चुके हैं। अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तानी दूतावास के प्रभारी को तुरंत तलब किया। अफगान अधिकारियों ने डूरंड रेखा के पास रिहायशी इलाकों और विश्वविद्यालय पर हुए हिंसक हमलों का सख्त विरोध दर्ज कराया है। इसी बीच, एक अन्य घटनाक्रम में पाकिस्तान ने बलूचिस्तान सीमा पर मौजूद अफगान सुरक्षा चौकियों को भी पूरी तरह से नष्ट करने का बड़ा दावा किया है।

चीन की शांति कोशिशों पर फिरा पानी

डूरंड रेखा पर आतंकवाद और घुसपैठ को लेकर यह सीमा विवाद काफी पुराना है। पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता है कि अफगान जमीन का इस्तेमाल चरमपंथी हमलों के लिए हो रहा है। जबकि अफगानिस्तान हमेशा इन आरोपों को सख्ती से नकारता आया है। करीब एक महीने पहले ही चीन की अहम मध्यस्थता से दोनों मुल्कों के बीच संघर्ष विराम पर सहमति बनी थी। लेकिन, इन ताजा खूनी हमलों ने चीन की कूटनीतिक शांति कोशिशों को पूरी तरह से विफल कर दिया है।

आतंकवाद और घुसपैठ बना मुख्य कारण

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच छब्बीस सौ किलोमीटर लंबी सीमा साझा होती है। यह खैबर पख्तूनख्वा से लेकर बलूचिस्तान तक फैली हुई है। इस इलाके में दोनों देशों की सेनाएं अक्सर आमने-सामने आ जाती हैं। पाकिस्तान का तालिबान सरकार पर दबाव है कि वह अपनी धरती पर छिपे चरमपंथियों का खात्मा करे। अफगानिस्तान सरकार इन दावों को लगातार झूठा बताती रही है। अब दोनों देशों के बीच बढ़ती बयानबाजी से सीमा पर एक बड़े युद्ध का गंभीर खतरा मंडराने लगा है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
/ month
placeholder text

Hot this week

Topics

Related Articles

Popular Categories