Tehran News: ईरान की राजधानी तेहरान में कई बुजुर्ग भारतीय सिख जोड़े गंभीर संकट में फंस गए हैं। भाजपा प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने विदेश मंत्रालय से तुरंत मदद की गुहार लगाई है। ये सभी नागरिक तेहरान के एक स्थानीय गुरुद्वारे में शरण लिए हुए हैं। शेरगिल ने बताया कि महान एयरलाइंस ने उन्हें भारत वापस लौटने वाली उड़ान में सवार होने से रोक दिया है। एयरलाइन के अनुसार इसके लिए भारत सरकार की विशेष मंजूरी अनिवार्य है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर से हस्तक्षेप की मांग
जयवीर शेरगिल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट लिखकर मामले की जानकारी दी है। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करने की सख्त अपील की है। पांच मई को तेहरान से एक विशेष उड़ान भारत आने वाली थी। इसी उड़ान से इन बुजुर्ग जोड़ों को सुरक्षित स्वदेश लौटना था। लेकिन अंतिम समय में एयरलाइन ने उन्हें विमान में चढ़ने से साफ इनकार कर दिया। इससे परिजनों की चिंता काफी बढ़ गई है।
खाड़ी देशों में भारतीय मिशन पूरी तरह सतर्क
इस बीच विदेश मंत्रालय ने खाड़ी और पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर कड़ी नजर रखी हुई है। भारत सरकार इस पूरे क्षेत्र में अपने नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सभी भारतीय मिशन वहां मौजूद नागरिकों के साथ चौबीसों घंटे लगातार सीधा संपर्क बनाए हुए हैं। स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर वे हर तरह की चुनौतियों से निपटने का प्रयास कर रहे हैं। दूतावास हेल्पलाइन से मदद कर रहा है।
लगातार जारी की जा रही जरूरी गाइडलाइंस
नागरिकों को हर पल की सही जानकारी देने के लिए सरकार लगातार नए अपडेट और एडवाइजरी जारी कर रही है। इन एडवाइजरी में स्थानीय सरकारी नियमों और सुरक्षित यात्रा की मौजूदा स्थितियों की जानकारी शामिल होती है। इसके अलावा कांसुलर सेवाओं और समुदाय के लिए किए जा रहे कल्याणकारी उपायों की जानकारी भी दी जाती है। भारतीय मिशन सही समय पर जानकारी पहुंचाने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं। वे कंपनियों और पेशेवर समूहों के साथ जुड़े हैं।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
तनावग्रस्त क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर सरकार बहुत ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रही है। मंत्रालय के अनुसार नाविकों का कल्याण इस समय उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों में शामिल है। भारतीय मिशन जहाजों पर मौजूद चालक दल के सदस्यों को हर संभव कानूनी मदद पहुंचा रहे हैं। इसके लिए वे स्थानीय समुद्री एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उनके सुरक्षित भारत लौटने की प्रक्रिया आसान की जा रही है।
खराब हालात के बीच भी उड़ानों की भारी मांग
पश्चिम एशिया में भारी ऑपरेशनल दिक्कतों के बावजूद भारत के बीच यात्रियों की आवाजाही बहुत अधिक बनी हुई है। अट्ठाईस फरवरी से अब तक इस क्षेत्र से लगभग बारह लाख छियानवे हजार यात्रियों ने सफर किया है। यह संख्या लगातार बनी हुई बेहतर कनेक्टिविटी और मांग को दर्शाती है। संयुक्त अरब अमीरात में एयरलाइंस ने सीमित कमर्शियल उड़ानें अभी भी जारी रखी हैं। दोनों देशों के बीच रोज करीब एक सौ दस उड़ानें चल रही हैं।
विभिन्न खाड़ी देशों में विमान सेवाओं की स्थिति
सऊदी अरब और ओमान से भारत के अलग-अलग शहरों के लिए हवाई सेवाएं लगातार सुचारू रूप से चल रही हैं। कतर ने अपने एयरस्पेस को फिर से आंशिक रूप से खोल दिया है। इसके बाद कतर एयरवेज कई भारतीय शहरों के लिए अपनी उड़ानें दोबारा शुरू कर चुकी है। कुवैत और बहरीन ने भी अपने एयरस्पेस को नागरिक उड़ानों के लिए खोल दिया है। जजीरा एयरवेज और गल्फ एयर ने सीमित उड़ानें शुरू कर दी हैं।
ईरान और इजराइल से नागरिकों की सुरक्षित वापसी
इराक का एयरस्पेस खुला है लेकिन वहां बेहद सीमित उड़ान सेवाएं ही यात्रियों के लिए उपलब्ध हैं। वहीं ईरान का एयरस्पेस मालवाहक और चार्टर उड़ानों के लिए आंशिक रूप से खुला रखा गया है। विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों से ईरान की यात्रा न करने की सख्त अपील की है। दूतावास अब तक दो हजार चार सौ पैंतालीस नागरिकों को जमीनी रास्तों से सुरक्षित निकाल चुका है। इजराइल में भी सीमित उड़ान सेवाएं शुरू हो चुकी हैं।
