Nepal News: नेपाल की सरकारी विमानन कंपनी ‘नेपाल एयरलाइंस’ ने अपने नेटवर्क मानचित्र में जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाने पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस विवादित नक्शे के कारण भारत में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। एयरलाइंस ने इसे एक ‘मानचित्रण त्रुटि’ करार देते हुए स्पष्ट किया कि यह नेपाल की आधिकारिक स्थिति को नहीं दर्शाता है। भारी दबाव के बाद विमानन कंपनी ने उस पोस्ट को तुरंत हटाकर अपनी आंतरिक जांच शुरू कर दी है।
गूगल मैप्स की गलती या बड़ी लापरवाही?
नेपाल एयरलाइंस कॉर्पोरेशन (NAC) की प्रवक्ता आर्चना खडका ने इस मामले पर सफाई दी है। उन्होंने बताया कि यह तकनीकी गलती गूगल मैप्स का चयन करते समय हुई थी। अनजाने में उसी गलत नक्शे को एयरलाइंस के आधिकारिक नेटवर्क मानचित्र में शामिल कर लिया गया। प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि यह कोई जानबूझकर उठाया गया कदम नहीं था। जैसे ही अधिकारियों को इस बड़ी चूक का पता चला, पोस्ट को सोशल मीडिया से दो-तीन घंटे के भीतर ही हटा दिया गया।
सोशल मीडिया पर भड़का भारतीयों का गुस्सा
नेपाल एयरलाइंस द्वारा साझा की गई तस्वीर इंटरनेट पर जंगल की आग की तरह फैल गई। भारतीय यूजर्स ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए एयरलाइंस के बहिष्कार (Boycott Nepal Airlines) की मांग शुरू कर दी। कई लोगों ने इसे भारत की क्षेत्रीय अखंडता पर ‘मानचित्रण आक्रमण’ बताया। विवाद को बढ़ता देख एयरलाइंस ने बयान जारी कर कहा कि वे अपने पड़ोसियों और क्षेत्रीय मित्रों के साथ मजबूत संबंधों को बहुत महत्व देते हैं और इस असुविधा के लिए उन्हें गहरा खेद है।
भारत-नेपाल संबंधों पर क्या होगा असर?
भारत और नेपाल के बीच 1950 की शांति और मित्रता संधि के तहत गहरे और बहुआयामी संबंध हैं। दोनों देशों के बीच खुली सीमाएं और मजबूत सांस्कृतिक जुड़ाव है। भारत, नेपाल का सबसे बड़ा द्विपक्षीय विकास साझेदार भी है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत ने नेपाल को 7.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुदान दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीकी गलतियां कूटनीतिक स्तर पर अनावश्यक तनाव पैदा करती हैं, जिन्हें समय रहते सुधारना अनिवार्य है।
प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा
नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह जल्द ही भारत का दौरा कर सकते हैं। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें पहले ही आमंत्रित किया है, जिसे उन्होंने स्वीकार भी कर लिया है। काठमांडू पोस्ट के अनुसार, इस बड़ी यात्रा से पहले भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री 11-12 मई को नेपाल जा सकते हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय परामर्श होने की संभावना है। नेपाल सरकार फिलहाल अपनी प्राथमिकताओं को अंतिम रूप देने में जुटी है ताकि द्विपक्षीय वार्ता सफल हो सके।
नेपाल एयरलाइंस का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
नेपाल की यह सरकारी एयरलाइंस नई दिल्ली सहित पश्चिम एशिया, दक्षिण पूर्व एशिया और चीन के लिए अपनी उड़ानों का संचालन करती है। दिल्ली एक प्रमुख केंद्र होने के कारण भारतीय यात्रियों की नाराजगी एयरलाइंस के कारोबार को प्रभावित कर सकती है। कंपनी ने अब आश्वासन दिया है कि भविष्य में सामग्री की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए उच्चतम मानकों का पालन किया जाएगा। फिलहाल एयरलाइंस प्रशासन सोशल मीडिया पोस्टिंग से जुड़े अपने प्रोटोकॉल की गंभीरता से समीक्षा कर रहा है।


