Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी नगर निगम चुनावों में कांग्रेस पार्टी के भीतर भयंकर बगावत शुरू हो गई है। पार्टी ने वार्ड नंबर एक खलियार से पूर्व दिग्गज मंत्री कौल सिंह ठाकुर के भतीजे प्रवीण कुमार को चुनावी मैदान में उतारा है। इसके चलते चार बार की लगातार पार्षद रहीं अलकनंदा हांडा का टिकट कट गया है। इस फैसले से नाराज होकर तेजतर्रार नेता अलकनंदा ने पार्टी के खिलाफ खुली बगावत का ऐलान कर दिया है।
कौल सिंह ठाकुर के दबदबे की कहानी
टिकट बंटवारे को लेकर शुक्रवार तक शिमला से लेकर दिल्ली तक भारी राजनीतिक हलचल मची रही। कांग्रेस को नामांकन के बिल्कुल अंतिम दिन अपने उम्मीदवार की घोषणा करनी पड़ी। पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने अपने भतीजे को टिकट दिलाने के लिए पूरा जोर लगा दिया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कौल सिंह अपने भतीजे को टिकट नहीं दिला पाते, तो यह उनके राजनीतिक वर्चस्व के लिए एक बहुत बड़ा झटका साबित होता।
मेयर पद की प्रबल दावेदार थीं अलकनंदा
अलकनंदा हांडा पेशे से एक तेजतर्रार अधिवक्ता हैं। खलियार वार्ड में उनकी जनता के बीच बेहद मजबूत पकड़ मानी जाती है। वह यहां से लगातार चार बार शानदार जीत दर्ज कर चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर वह इस बार भी चुनाव जीत जातीं और नगर निगम में कांग्रेस सत्ता हासिल करती, तो अलकनंदा मेयर पद की सबसे मजबूत दावेदार होतीं। लेकिन अचानक भतीजे प्रवीण के टिकट ने सारे समीकरण पूरी तरह बदल दिए।
महिला होने के कारण काटा गया मेरा टिकट
टिकट कटने के बाद अलकनंदा हांडा ने फेसबुक लाइव आकर अपना गहरा दुख प्रकट किया। उन्होंने साफ कहा कि केवल महिला होने की वजह से उनका टिकट काटा गया है। उन्होंने राजनीति को हमेशा समाजसेवा का माध्यम माना है। जनता की आवाज को वह लगातार प्रशासन तक पहुंचाती रही हैं। अलकनंदा ने खुले तौर पर ऐलान किया है कि उनकी जीत की प्रबल संभावनाएं हैं और वह आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतकर सबको दिखाएंगी।
कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बनी पारिवारिक राजनीति
मंडी नगर निगम चुनाव में पारिवारिक राजनीति साफ तौर पर हावी दिख रही है। कौल सिंह की बेटी चंपा ठाकुर वर्तमान में मंडी कांग्रेस की जिला अध्यक्ष हैं। ऐसे में अब भतीजे को भी टिकट मिलने से पार्टी के भीतर भारी असंतोष पनप रहा है। अलकनंदा हांडा की बगावत ने कांग्रेस नेतृत्व की नींद उड़ा दी है। अगर वह निर्दलीय चुनाव लड़ती हैं, तो कांग्रेस को इस अहम वार्ड में करारी हार का सामना करना पड़ सकता है।


