Maharashtra News: महाराष्ट्र के नासिक में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री का कार्यक्रम विवादों में घिर गया है। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने इस कार्यक्रम का कड़ा विरोध शुरू कर दिया है। समिति ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर आयोजन रद्द नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। इसके साथ ही बाबा को चमत्कार साबित करने की खुली चुनौती दी गई है। समिति ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर कार्यक्रम पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।
चमत्कार साबित करने पर 21 लाख का इनाम
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने धीरेंद्र शास्त्री के चमत्कारों पर सीधे सवाल उठाए हैं। समिति ने बाबा को सार्वजनिक रूप से एक बड़ी चुनौती दी है। उनका कहना है कि अगर बाबा वैज्ञानिक कसौटी पर अपने चमत्कार साबित करें, तो उन्हें 21 लाख रुपये मिलेंगे। समिति ने शर्त रखी है कि धीरेंद्र शास्त्री दस अनजान लोगों के मन की बात और उनका सटीक पता बताकर दिखाएं। यह खुली चुनौती अब पूरे राज्य में बड़ी चर्चा का विषय बन चुकी है।
महापुरुषों के अपमान का लगा गंभीर आरोप
समिति ने धीरेंद्र शास्त्री पर महाराष्ट्र के संतों और महापुरुषों के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है। दावा है कि संत तुकाराम महाराज और छत्रपति शिवाजी महाराज के खिलाफ बाबा ने आपत्तिजनक टिप्पणी की है। जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट लिखा है कि राज्य में जादू-टोना विरोधी कानून लागू है। इस अधिनियम के तहत अंधविश्वास फैलाने वाले कार्यक्रमों को अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। समिति ने लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की खुली चेतावनी भी दी है।
विवाद बढ़ने पर धीरेंद्र शास्त्री ने दी सफाई
बढ़ते विवाद को देखते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने अब अपनी पूरी सफाई पेश की है। उन्होंने नागपुर में कहा कि सोशल मीडिया पर उनके बयानों को गलत तरीके से पेश किया गया। धीरेंद्र शास्त्री ने स्पष्ट किया कि हिंदू राष्ट्र की अवधारणा में छत्रपति शिवाजी महाराज का स्थान सर्वोच्च है। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज के खिलाफ कुछ भी नकारात्मक बोलना तो दूर, वह ऐसा सपने में भी नहीं सोच सकते। बाबा ने सभी दावों को पूरी तरह से निराधार बताया है।


