Kerala News: केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए मतगणना सोमवार सुबह आठ बजे कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो गई है। सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की जा रही है, जो कुल वोटों का 1.36 प्रतिशत हिस्सा हैं। शुरुआती रुझानों ने सबको चौंका दिया है। वर्तमान में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ गठबंधन 58 सीटों पर आगे चल रहा है। वहीं, सत्तारूढ़ एलडीएफ गठबंधन केवल 22 सीटों पर अपनी बढ़त बनाए हुए है। भारतीय जनता पार्टी सात सीटों पर मजबूती से आगे बढ़ रही है।
मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने बताया कि मतगणना प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए 15,464 कर्मियों को तैनात किया गया है। डाक मतपत्रों के बाद ईवीएम मशीनों के वोटों की गिनती शुरू की जाएगी। केरल के इस महत्वपूर्ण सियासी मुकाबले में कुल 883 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी कर इतिहास रचने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, शुरुआती रुझान फिलहाल उनके पक्ष में दिखाई नहीं दे रहे हैं।
त्रिकोणीय मुकाबले की ओर बढ़ा केरल का रण
केरल में 9 अप्रैल को 140 सीटों पर 78.27 प्रतिशत का भारी मतदान हुआ था। यूडीएफ अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है। वहीं, एनडीए राज्य में अपनी सीटों की संख्या बढ़ाने की उम्मीद लगाए बैठा है। टुडेज चाणक्य एग्जिट पोल ने पहले ही अनुमान लगाया था कि कांग्रेस गठबंधन को 69 सीटें मिल सकती हैं। एग्जिट पोल के अनुसार एलडीएफ को 64 और एनडीए को सात सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था।
रुझानों के बाद राजनीतिक दलों में बढ़ी धड़कनें
जैसे-जैसे वोटों की गिनती आगे बढ़ रही है, राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। केरल के मतदाता पारंपरिक रूप से हर पांच साल में सरकार बदलने के लिए जाने जाते हैं। एलडीएफ इस रिवाज को तोड़ने की पुरजोर कोशिश कर रहा है। यूडीएफ की बढ़त ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नए जोश का संचार किया है। मतगणना केंद्रों के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जुटी हुई है। अंतिम नतीजे तय करेंगे कि केरल की सत्ता की चाबी किसके हाथ में होगी।
पांच राज्यों के चुनावी नतीजों पर पूरे देश की नजर
केरल के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी के चुनाव नतीजे भी आज ही घोषित किए जा रहे हैं। पूरे देश की निगाहें इन पांच राज्यों के अपडेट्स पर टिकी हुई हैं। केरल में प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतगणना सुनिश्चित करने के लिए धारा 144 जैसे एहतियाती कदम उठाए हैं। चुनाव आयोग पल-पल की जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर साझा कर रहा है। दोपहर तक काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगा कि राज्य में अगली सरकार किसकी बनेगी।


