Himachal News: हिमाचल के हमीरपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां नादौन के एक अस्पताल में दो गर्भवती युवतियां इलाज के लिए पहुंची थीं। जब डॉक्टरों ने उनके पहचान पत्रों की जांच की, तो बड़ा खुलासा हुआ। दस्तावेजों के अनुसार दोनों युवतियां नाबालिग पाई गईं। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को इस गंभीर मामले की जानकारी दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।
पहचान पत्र से खुला नाबालिग होने का राज
पुलिस जांच में पता चला है कि पहली नाबालिग की उम्र 17 साल आठ महीने है। यह प्रवासी लड़की नादौन के एक युवक से ब्याही गई थी। शुरुआत में उसने अपनी उम्र 19 साल बताई थी। दूसरी तरफ, एक अन्य प्रवासी लड़की की उम्र कागजातों में 15 वर्ष दर्ज है। इस लड़की ने भी एक प्रवासी व्यक्ति से शादी की है। दोनों युवतियां जब गर्भावस्था के दौरान अस्पताल पहुंचीं, तब असली उम्र का पर्दाफाश हुआ।
लड़कियों के दावों ने उलझाई पुलिस की जांच
इस घटनाक्रम में नया मोड़ तब आया जब लड़कियों ने अलग दावा किया। उनका कहना है कि उनकी वास्तविक उम्र अठारह साल से अधिक है। उनका तर्क है कि कागजातों में उम्र गलती से कम दर्ज हुई है। इस बड़े दावे ने पुलिस की जांच को काफी जटिल बना दिया है। अब पुलिस को विवाह की वैधता के साथ दस्तावेजों की सच्चाई भी परखनी पड़ रही है। जांच एजेंसियां अब हर एंगल से सबूत जुटा रही हैं।
एसपी ने दिए गहन जांच के सख्त निर्देश
हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक बलवीर सिंह ने इस संवेदनशील मामले पर अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि दोनों ही मामलों में प्राथमिकी दर्ज करके सघन जांच शुरू कर दी है। पुलिस की टीम अब लड़कियों की वास्तविक उम्र का गहनता से सत्यापन कर रही है। अगर मौजूदा दस्तावेजों में उम्र गलत पाई जाती है, तो जन्म प्रमाण पत्र खंगाले जाएंगे। इसके अलावा लड़कियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड की भी जांच होगी, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।

