Himachal News: शिमला जिले के रामपुर स्थित खनेरी नर्सिंग हॉस्टल में टीबी संक्रमण की खबरों पर सुक्खू सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। स्वास्थ्य विभाग ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें 19 छात्राओं के संक्रमित होने की बात कही गई थी। सरकार के अनुसार केवल दो छात्राएं ही टीबी पॉजिटिव पाई गई हैं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कॉलेज के प्रिंसिपल को पद से हटा दिया है। यह विवाद तब बढ़ा जब सोशल मीडिया पर संक्रमण को लेकर भ्रामक जानकारी प्रसारित होने लगी।
केवल दो छात्राएं संक्रमित, अन्य को दी जा रही एहतियाती दवा
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए बताया कि हॉस्टल में केवल दो छात्राएं ही टीबी पॉजिटिव मिली थीं। पहली छात्रा जून 2025 और दूसरी दिसंबर 2025 में संक्रमित पाई गई थी। अन्य 17 छात्राओं को केवल क्लोज कॉन्टैक्ट होने के कारण एहतियातन दवाइयां दी जा रही हैं। सरकार का कहना है कि इनमें से एक छात्रा पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी है और दूसरी का उपचार जारी है। विभाग ने सोशल मीडिया पर चल रही 19 छात्राओं के संक्रमित होने की खबरों को गलत करार दिया है।
प्रिंसिपल का तबादला और प्रबंधन पर गंभीर आरोप
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुक्खू सरकार ने कॉलेज प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। विपक्षी दल भाजपा के नेता कौल सिंह नेगी ने कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही के कई गंभीर आरोप लगाए थे। परिजनों और स्थानीय नेताओं ने हॉस्टल में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर जमकर हंगामा किया। इसके साथ ही छात्राओं को बंदर भगाने जैसे कामों में लगाने और अंधविश्वास के नाम पर डराने के आरोप भी लगाए गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है।
ओवरक्राउडिंग और पोषण सहायता पर विभाग का तर्क
नर्सिंग हॉस्टल की क्षमता केवल 30 छात्राओं की है, लेकिन वहां करीब 80 छात्राओं को रखा गया था। इस ओवरक्राउडिंग को भी संक्रमण फैलने का एक मुख्य कारण माना जा रहा है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने खराब खाने के आरोपों पर कहा कि संक्रमित छात्राओं को निक्षय पोषण योजना के तहत आर्थिक मदद दी गई है। मार्च 2026 में हॉस्टल में एक विशेष कैंप भी लगाया गया था। इसमें अत्याधुनिक एक्स-रे मशीनों के जरिए 80 छात्राओं की स्वास्थ्य जांच की गई थी।
राजनीतिक सरगर्मियां और स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता
विपक्ष ने इस मामले को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जयराम ठाकुर ने छात्राओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। विभाग का दावा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सभी छात्राओं की सेहत की निगरानी की जा रही है। प्रिंसिपल के तबादले को इसी प्रशासनिक सुधार की कड़ी माना जा रहा है।


