यूपी का एक्सप्रेसवे नेटवर्क बना देश में नंबर-1: फास्टैग एनुअल पास को लेकर आई बड़ी अपडेट, जानें नया नियम

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश का एक ऐसा अग्रणी राज्य बन गया है, जहां एक्सप्रेसवे का जाल सबसे तीव्र गति से फैल रहा है। प्रदेश में अब 15 से अधिक एक्सप्रेसवे की श्रृंखला तैयार हो रही है, जिनमें से कई पूरी तरह क्रियाशील हैं तो कुछ पर युद्ध स्तर पर निर्माण कार्य जारी है। हाल ही में गंगा एक्सप्रेसवे के जुड़ने के बाद राज्य में अब सात बड़े एक्सप्रेसवे पूरी तरह संचालित हो रहे हैं। कनेक्टिविटी के मामले में यूपी ने अब लंबी छलांग लगा ली है।

सात बड़े एक्सप्रेसवे पर वसूला जा रहा टोल: नोएडा-ग्रेटर नोएडा मार्ग है मुफ्त

राज्य के मौजूदा बुनियादी ढांचे की बात करें तो यमुना, आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे प्रमुख लाइफलाइन बन चुके हैं। इनके अतिरिक्त गोरखपुर लिंक, दिल्ली-मेरठ और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे भी यातायात के लिए खुले हैं। हालांकि, एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इन आठ बड़े मार्गों में से केवल सात पर ही टोल टैक्स की वसूली की जाती है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को फिलहाल किसी भी प्रकार का टोल शुल्क नहीं देना पड़ता है, जो यात्रियों के लिए बड़ी राहत है।

फास्टैग एनुअल पास का गणित: यूपी के इन एक्सप्रेसवे पर नहीं मिलेगी सुविधा

FASTag वार्षिक पास को लेकर यात्रियों के बीच अक्सर भ्रम की स्थिति बनी रहती है, जिसे अब पूरी तरह स्पष्ट कर दिया गया है। यह विशेष पास केवल राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे (NE) पर ही प्रभावी होता है। इसी तकनीकी कारण से उत्तर प्रदेश के स्वामित्व वाले यमुना, आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और नए गंगा एक्सप्रेसवे पर यह वार्षिक पास मान्य नहीं होगा। केवल दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे जैसे चुनिंदा मार्गों पर ही इस पास का लाभ उठाया जा सकेगा, क्योंकि वे राष्ट्रीय श्रेणी में आते हैं।

बढ़ गई है एनुअल पास की कीमत: सालभर में मिलती हैं इतनी यात्राएं

सरकारी आंकड़ों और नियमों के मुताबिक, FASTag वार्षिक पास की दरों में हाल ही में संशोधन किया गया है। पहले इस पास की कीमत ₹3,000 निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर ₹3,075 कर दिया गया है। यह पास धारकों को एक वर्ष की वैधता या अधिकतम 200 टोल यात्राओं तक की सुविधा प्रदान करता है। हालांकि यूपी का एक्सप्रेसवे नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन नियमों के भिन्न होने के कारण सभी मार्गों पर एक समान पास सुविधा लागू करना फिलहाल संभव नहीं हो पा रहा है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
/ month
placeholder text

Hot this week

Topics

Related Articles

Popular Categories