Bihar News: बिहार के भागलपुर जिले के एक आईआईटी (IIT) ग्रेजुएट निक्की कुमार और उनकी बहन रश्मि झा ने किसानों की बड़ी समस्या का समाधान खोज निकाला है। उन्होंने ‘सब्जीकोठी’ (Sabjikothi) नामक एक अनोखा पोर्टेबल डिवाइस तैयार किया है, जो फलों और सब्जियों को लंबे समय तक ताजा रखता है। अक्सर सही स्टोरेज न होने के कारण किसानों की उपज खराब हो जाती है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। यह स्वदेशी तकनीक छोटे और मध्यम किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो उनकी मेहनत की कमाई को सड़ने से बचाएगी।
रेफ्रिजरेटर से आधी कीमत और दस गुना अधिक क्षमता
सब्जीकोठी की सबसे बड़ी विशेषता इसकी विशाल भंडारण क्षमता है। यह सामान्य घरेलू फ्रिज की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक उपज को सुरक्षित रख सकता है। इस डिवाइस में विभिन्न प्रकार की सब्जियों और फलों को 3 से 30 दिनों तक ताजा रखा जा सकता है। खास बात यह है कि इसकी लागत एक सामान्य फ्रिज के मुकाबले करीब आधी है। कम लागत और उच्च कार्यक्षमता के कारण यह डिवाइस ग्रामीण भारत के किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
बेहद कम बिजली और मात्र एक लीटर पानी में संचालन
बढ़ती बिजली दरों के बीच सब्जीकोठी एक किफायती विकल्प बनकर उभरी है। इस डिवाइस को चलाने के लिए रोजाना केवल 20 वॉट बिजली और महज एक लीटर पानी की आवश्यकता होती है। निक्की कुमार के अनुसार, यह केवल 10 वॉट बिजली पर भी काम कर सकता है, जो एक मोबाइल चार्ज करने जितनी ही है। जहां बड़े कोल्ड स्टोरेज चलाने में भारी निवेश और बिजली की जरूरत होती है, वहीं यह छोटा पोर्टेबल डिवाइस कम खर्च में बड़ा समाधान पेश करता है।
एथिलीन गैस को नियंत्रित कर फसल को सड़ने से बचाती तकनीक
यह डिवाइस वैज्ञानिक तरीके से अंदर एक नियंत्रित वातावरण बनाता है। सब्जीकोठी तरल पदार्थों को ऑक्सीडाइज करके हाइड्रोजन और वाष्प में परिवर्तित करती है। यह तकनीक फसलों से निकलने वाली एथिलीन गैस के स्तर को कम कर देती है। चूंकि एथिलीन गैस ही फलों के पकने और सड़ने की प्रक्रिया को तेज करती है, इसलिए इसे नियंत्रित करने से फसलें लंबे समय तक सुरक्षित रहती हैं। इस प्रक्रिया से किसानों को अपनी फसल को बाजार में सही दाम मिलने तक स्टोर करने की सुविधा मिलती है।
किसानों की आय बढ़ाने और परिवहन में आसान डिजाइन
भारत में हर साल बुनियादी सुविधाओं के अभाव में करोड़ों की फसल बर्बाद होती है। सब्जीकोठी इस नुकसान को रोककर किसानों को बेहतर मुनाफा कमाने में मदद कर रही है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसे कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है। यह सेल्फ-असेंबल्ड डिवाइस है, जिसे किसान अपनी जरूरत के अनुसार सेट कर सकते हैं। यह नवाचार न केवल कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता ला रहा है, बल्कि युवाओं को स्टार्टअप के लिए प्रेरित भी कर रहा है।


