Himachal News: हिमाचल प्रदेश में चुनावी सरगर्मी के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार की नई निविदाओं (Tenders) पर रोक लगा दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू रहने तक किसी भी नई विकास योजना के लिए आवेदन न भेजे जाएं। निर्वाचन आयोग के अनुसार, चुनाव के दौरान नए कार्यों के टेंडर जारी करना आचार संहिता का सीधा उल्लंघन है। इस फैसले से करोड़ों रुपये की नई परियोजनाओं पर फिलहाल विराम लग गया है।
करोड़ों के प्रस्तावों को मंजूरी देने से इनकार
राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और जल शक्ति विभाग जैसे प्रमुख विभागों द्वारा भेजे गए करोड़ों रुपये के प्रस्तावों को खारिज कर दिया है। आयुक्त अनिल खाची ने सख्त निर्देश दिए हैं कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक नई निविदा प्रक्रियाओं को अनुमति नहीं मिलेगी। आयोग ने विभिन्न विभागों को स्पष्ट कर दिया है कि आचार संहिता की अवधि में टेंडरों से संबंधित किसी भी प्रकार के नए आवेदन भेजने की आवश्यकता नहीं है।
निष्पक्षता बनाए रखने के लिए लिया कड़ा फैसला
निर्वाचन आयोग का मानना है कि चुनाव के दौरान नए ठेके जारी करने या परियोजनाएं शुरू करने से मतदाताओं को प्रभावित किया जा सकता है। यह कदम चुनाव की निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। हिमाचल प्रदेश में 31 मई तक आदर्श चुनाव आचार संहिता प्रभावी रहेगी, जिसके चलते किसी भी राजनीतिक लाभ वाली घोषणा या प्रशासनिक निर्णय पर पाबंदी है। आयोग ने साफ किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विभागों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


