यूक्रेन का बड़ा दांव: अब निजी कंपनियां करेंगी रूसी ड्रोन और मिसाइलों का शिकार!

Ukraine News: चार साल से विनाशकारी युद्ध की मार झेल रहे यूक्रेन ने अपनी सुरक्षा रणनीति में एक क्रांतिकारी बदलाव किया है। अब रूसी ड्रोन और मिसाइल हमलों से निपटने के लिए यूक्रेन ने निजी कंपनियों को एयर डिफेंस की कमान सौंप दी है। यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक घोषणा की है कि देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों, कारखानों और संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा के लिए अब निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता का उपयोग किया जाएगा। यह कदम सरकारी संसाधनों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए उठाया गया है।

सफल रहा खार्कीव में किया गया परीक्षण

यूक्रेन के इस साहसी प्रयोग की शुरुआत खार्कीव शहर से हुई है। परीक्षण के दौरान निजी कंपनियों द्वारा विकसित किया गया रक्षा तंत्र पूरी तरह सफल साबित हुआ। फिलहाल दो प्रमुख कंपनियों—कारमाइन स्काई और वर्डिया—ने अपनी बहुस्तरीय सुरक्षा सेवाएं प्रदान करने का एलान किया है। इन कंपनियों ने आधुनिक तकनीक और पारंपरिक हथियारों के मिश्रण से एक अभेद्य सुरक्षा चक्र तैयार किया है। इस सफलता के बाद अब इसे पूरे देश में लागू करने की तैयारी है।

पायलट प्रोजेक्ट से हकीकत तक का सफर

हवाई सुरक्षा को निजी हाथों में देने की नींव साल 2025 में एक पायलट प्रोजेक्ट के जरिए रखी गई थी। जैसे ही सरकार ने इस योजना का प्रस्ताव रखा, सुरक्षा क्षेत्र की लगभग 20 कंपनियां तुरंत आगे आईं। इन सभी कंपनियों ने रक्षा मंत्रालय के साथ अपना पंजीकरण कराया है। इनमें से कारमाइन स्काई और वर्डिया ने ऑपरेशन शुरू करने की अनुमति प्राप्त कर ली है। कारमाइन स्काई अब उन औद्योगिक ग्राहकों की तलाश कर रही है जिन्हें हवाई हमलों से सुरक्षा की तत्काल आवश्यकता है।

प्याज जैसी ‘मल्टी-लेयर’ सुरक्षा तकनीक

सुरक्षा प्रदान करने के लिए कंपनियां ‘लेयर्ड डिफेंस’ (Layered Defense) मॉडल का उपयोग कर रही हैं। कारमाइन स्काई के अनुसार, वे ‘एम 2 ब्राउनिंग हैवी मशीनगन’ जैसे घातक हथियारों को तैनात कर रहे हैं। यह सुरक्षा व्यवस्था प्याज की परतों की तरह काम करती है, जहां दुश्मन के ड्रोन या मिसाइल को कई स्तरों पर रोका जाता है। यदि हमलावर पहली परत को पार कर भी लेता है, तो अगली परत उसे नष्ट करने के लिए तैयार रहती है। यह तकनीक छोटे और सस्ते ड्रोनों के खिलाफ बेहद प्रभावी मानी जा रही है।

रूस की ड्रोन रणनीति का तोड़

यूक्रेन के लिए निजी क्षेत्र की मदद लेना अब एक मजबूरी बन चुका है। रूस लगातार सैकड़ों की संख्या में सस्ते ड्रोन (Shahed Drones) छोड़कर यूक्रेन के महंगे एयर डिफेंस सिस्टम को थका रहा है और विफल कर रहा है। सरकारी मिसाइलें इन ड्रोनों पर खर्च करना आर्थिक रूप से नुकसानदेह साबित हो रहा था। अब निजी कंपनियां इन रूसी ड्रोनों को रास्ते में ही पहचान कर मशीनगनों और जैमर्स की मदद से नष्ट करेंगी। इससे यूक्रेन की सेना अपनी मुख्य मिसाइलों को बड़ी रूसी मिसाइलों के लिए बचा कर रख सकेगी।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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