कोहिनूर हीरे पर न्यूयॉर्क के मेयर का बड़ा बयान, किंग चार्ल्स से करेंगे यह खास मांग!

New York News: न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने कोहिनूर हीरे को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय से यह ऐतिहासिक हीरा भारत को लौटाने की अपील करने की बात कही है। मेयर ममदानी ने यह टिप्पणी 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों के 25वीं बरसी समारोह से ठीक पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। यह बयान भारत और ब्रिटेन के बीच एक बार फिर पुरानी ऐतिहासिक बहस को हवा दे रहा है।

किंग चार्ल्स से मुलाकात और खास मांग

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार ने मेयर ममदानी से एक बेहद अहम सवाल पूछा। पत्रकार जानना चाहता था कि किंग चार्ल्स से अलग से बात करने का मौका मिलने पर वह क्या कहेंगे। इस पर ममदानी ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह किंग को कोहिनूर हीरा भारत को वापस करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। बाद में किंग चार्ल्स और मेयर की 9/11 मेमोरियल में मुलाकात भी हुई। दोनों नेताओं ने एक दूसरे से हाथ मिलाया।

बकिंघम पैलेस की इस मुद्दे पर चुप्पी

किंग चार्ल्स और मेयर ममदानी की इस छोटी सी मुलाकात ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। हालांकि, इस मुलाकात के बाद बकिंघम पैलेस ने कोहिनूर हीरे से जुड़े ममदानी के बयान पर कोई भी आधिकारिक टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया। वहीं दूसरी तरफ, ममदानी के कार्यालय ने भी यह स्पष्ट नहीं किया कि मेयर ने किंग के समक्ष यह मुद्दा उठाया या नहीं। यह बहुमूल्य हीरा हमेशा से ही दोनों देशों के बीच विवादित रहा है।

क्या है कोहिनूर हीरे का पुराना इतिहास

वर्तमान में 105.6 कैरेट का यह प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा ब्रिटिश क्राउन ज्वेल्स का अहम हिस्सा है। इसे लंदन के टावर में बहुत कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है। इतिहासकारों की मानें तो ईस्ट इंडिया कंपनी ने साल 1849 में पंजाब पर अपना कब्जा जमा लिया था। इसके बाद महाराजा दलीप सिंह से यह अनमोल हीरा ले लिया गया था। फिर 1850 में इसे महारानी विक्टोरिया को एक खास भेंट के रूप में दे दिया गया था।

भारत लगातार कर रहा है अपनी मांग

भारत ने हमेशा से इस बेशकीमती हीरे को वापस अपने देश लाने की मांग की है। साल 1947 में भारत को ब्रिटेन से पूरी तरह आजादी मिल गई थी। इसके बावजूद कोहिनूर हीरे को लेकर दोनों देशों के बीच लगातार एक लंबी राजनीतिक बहस जारी है। दुनिया भर में लोग इस ऐतिहासिक धरोहर को भारत की असली पहचान मानते हैं। अब न्यूयॉर्क के मेयर के इस ताजा बयान ने इस अंतरराष्ट्रीय मामले को फिर से गरमा दिया है।

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