Washington News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक कूटनीति के मंच पर दो बड़े घटनाक्रमों की घोषणा करके दुनिया को चौंका दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी संघर्ष अब युद्धविराम की दिशा में बढ़ गया है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस’ के विस्तार का संकेत दिया है। व्हाइट हाउस से जारी इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति में हलचल पैदा कर दी है, जिससे भविष्य के समीकरण बदल सकते हैं।
रूस-यूक्रेन संघर्ष: ऐतिहासिक युद्धविराम और कैदियों की अदला-बदली
ट्रंप ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि रूस और यूक्रेन के नेतृत्व ने एक निश्चित समय के लिए सैन्य अभियानों को रोकने पर अपनी सहमति व्यक्त की है। इस समझौते के तहत मानवीय आधार पर दोनों देश अपने-अपने कब्जे वाले एक-दूसरे के 1000-1000 सैनिकों को रिहा करेंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि इस युद्ध में हर महीने करीब 25,000 युवा जान गंवा रहे हैं। उन्होंने इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की सबसे भयानक त्रासदी करार देते हुए शांति बहाली को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।
ईरान पर सख्त रवैया और ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस’ की बड़ी चेतावनी
ईरान के साथ जारी परमाणु और कूटनीतिक तनाव पर ट्रंप ने स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान समझौते की शर्तों को नहीं मानता है, तो अमेरिका अपनी सैन्य आक्रामकता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के बाद अब ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस’ को लॉन्च करने की तैयारी है। यह मिशन पिछले सैन्य अभियानों की तुलना में अधिक व्यापक और प्रभावकारी होगा। राष्ट्रपति ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसैनिक उपस्थिति को और अधिक मजबूत करने के संकेत भी स्पष्ट रूप से दिए हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक नाकाबंदी और व्यापारिक सुरक्षा
ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए फिलहाल पुराने अभियानों को विराम दिया गया है। हालांकि, ईरान के विरुद्ध नौसैनिक नाकाबंदी अपनी पूरी क्षमता के साथ सक्रिय रहेगी। अमेरिका का मुख्य उद्देश्य इस सामरिक जलमार्ग पर अपना नियंत्रण बनाए रखना और ईरान की आर्थिक गतिविधियों पर दबाव डालना है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि वाशिंगटन किसी भी परिस्थिति में अपने हितों से समझौता नहीं करेगा। यह सख्त रुख क्षेत्र में तनाव को और अधिक बढ़ा सकता है।
हंतावायरस पर ट्रंप का आश्वासन: स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
दुनिया भर में स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने हंतावायरस को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने अमेरिकी नागरिकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि यह वायरस कोविड-19 की तरह संक्रामक नहीं है और तेजी से नहीं फैलता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की एक विशेष टीम इस पर चौबीसों घंटे नजर रख रही है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांत रहें।

