Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में मिलावटी दूध के खिलाफ सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने सहारनपुर और बुलंदशहर में बड़ी छापेमारी की है। इस कार्रवाई के दौरान कई दूध उत्पादक इकाइयों में भारी अनियमितताएं पकड़ी गई हैं। लापरवाही बरतने के आरोप में एक फूड सेफ्टी ऑफिसर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही दो अन्य बड़े अधिकारियों को मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। कई लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
बुलंदशहर में करोड़ों रुपये का मिलावटी दूध जब्त
खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के सख्त निर्देश पर यह बड़ी कार्रवाई हुई है। उनचास विशेष टीमों ने एक साथ दोनों जिलों में छापेमारी की। बुलंदशहर में पैंतीस इकाइयों पर टीम ने अचानक छापा मारा। अधिकारियों ने वहां से एक सौ बारह सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। मौके से पांच सौ तीन मीट्रिक टन नकली दूध और अन्य दुग्ध उत्पाद जब्त किए गए हैं। इन जब्त उत्पादों की बाजार में कीमत करीब पौने छह करोड़ रुपये आंकी गई है।
सहारनपुर में अधिकारी सस्पेंड और भारी पाउडर बरामद
सहारनपुर की बारह दुग्ध इकाइयों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। वहां से इक्कीस सैंपल जांच के लिए गए हैं। टीम ने सात सौ बयासी बैग स्किम्ड मिल्क पाउडर बरामद किया है। इस माल की कीमत चौरानवे लाख रुपये है। ड्यूटी में लापरवाही पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुमनपाल को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया। सहायक आयुक्त मनोज कुमार वर्मा को उनके पद से हटाया गया है। मुख्य अधिकारी धनंजय शुक्ला को सीधे लखनऊ मुख्यालय से अटैच किया गया है।
पुरानी एक्सपायरी डेट बदलकर बाजार में बेचा जा रहा था माल
जांच में टीम को कई बेहद चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। कंपनियों के पास दूध की खरीद का कोई पक्का रिकॉर्ड मौजूद नहीं था। कारोबारी पुराने उत्पादों पर नई एक्सपायरी डेट डालकर उन्हें दोबारा पैक कर रहे थे। प्रशासन ने राज्य स्तर की छह दुग्ध इकाइयों के लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। तीन केंद्रीय इकाइयों के लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश भी भेजी गई है। कुछ कंपनियों को कड़ी चेतावनी के साथ नोटिस दिया गया है।


