Washington News: वाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर में हुई भयानक गोलीबारी ने अमेरिका को हिलाकर रख दिया है। शूटर कोल एलन ने डोनाल्ड ट्रंप की पूरी टीम को मारने का प्लान बनाया था। लेकिन शूटर ने एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल को इस हमले में पूरी तरह से बख्श दिया। जांच एजेंसियां अब इस चौंकाने वाले रहस्य की गहराई से जांच कर रही हैं। शूटर के मैनीफेस्टो से पुलिस के सामने कई अहम खुलासे हुए हैं।
मैनीफेस्टो में ट्रंप के कई वरिष्ठ अधिकारी थे निशाने पर
हमलावर कोल एलन ने हमले से ठीक दस मिनट पहले अपना एक घोषणापत्र जारी किया था। इस मैनीफेस्टो में उसने अपने खतरनाक इरादों को बहुत ही स्पष्ट रूप से लिखा था। एलन ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के लगभग हर बड़े अधिकारी का नाम हिट-लिस्ट में डाला था। वह इन सभी अधिकारियों को वाइट हाउस डिनर के दौरान अपना सीधा निशाना बनाना चाहता था। हैरान करने वाली बात यह थी कि उसने एफबीआई चीफ काश पटेल का नाम छोड़ दिया।
हिंदू होने के कारण काश पटेल को मिला जीवनदान?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शूटर के मैनीफेस्टो में कट्टर ईसाई-विरोधी विचार काफी भरे हुए थे। जांचकर्ताओं का मानना है कि काश पटेल का हिंदू होना उनके बचाव का बड़ा कारण बना। हमलावर एलन ने अपनी हिंसा को सही ठहराने के लिए कई अजीबोगरीब धार्मिक तर्क दिए थे। उसने अपनी गहरी नफरत को मुख्य रूप से एक विशेष धार्मिक समूह के प्रति ही लक्षित किया था। ऐसे में काश पटेल हमलावर की वैचारिक नफरत के दायरे में बिल्कुल फिट नहीं बैठते थे।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों को नुकसान न पहुंचाने की रणनीति
जांच में इस घटना का एक और अहम रणनीतिक कारण भी सामने आ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक बंदूकधारी ने अपने लिए कुछ बहुत ही सख्त नियम तय किए थे। उसने कानून प्रवर्तन अधिकारियों और आम लोगों को कम से कम नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई थी। काश पटेल एफबीआई के प्रमुख हैं, इसलिए हमलावर ने शायद उन्हें हिट-लिस्ट से बाहर रखा। हालांकि इस खतरनाक हमले के दौरान शूटर ने एक सुरक्षा अधिकारी को सीधा गोली भी मारी थी।
हमलावर पर दर्ज हुए हत्या के प्रयास के कई मामले
अधिकारी वाशिंगटन हिल्टन होटल में हुए इस हमले को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित मानते हैं। सीक्रेट सर्विस ने कोल एलन को मुख्य कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से पहले ही धर दबोचा। अब पुलिस ने इस संदिग्ध हमलावर पर हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर मामले दर्ज किए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि उसने यह खतरनाक हमला पूरी तरह से अकेले ही प्लान किया था। फिलहाल पुलिस उसके कट्टरपंथी विचारों और संपर्कों की गहन जांच कर रही है।
