Delhi News: राष्ट्रीय राजधानी के सफदरजंग अस्पताल के पास ‘देसी जुगाड़’ का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी तंत्र को भी हैरत में डाल दिया है। ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर नगर निगम (MCD) द्वारा कार के पहिये में लगाए गए क्लैंप को एक चालक ने अपनी चतुराई से बेअसर कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के अनुसार, शख्स ने भारी-भरकम लॉक को खोलने की जद्दोजहद करने के बजाय पहिया ही बदल दिया और देखते ही देखते मौके से रफूचक्कर हो गया।
सफदरजंग अस्पताल के बाहर पार्किंग विवाद और सरकारी कार्रवाई
दरअसल, सफदरजंग अस्पताल में भर्ती एक परिजन को देखने आए कुछ लोगों ने अपनी कार सड़क किनारे खड़ी कर दी थी। अस्पताल के बाहर पार्किंग की पुरानी समस्या और सुचारू यातायात का हवाला देते हुए निगम की टीम ने वहां छापेमारी की। बिना किसी पूर्व चेतावनी के कर्मचारियों ने गलत तरीके से खड़ी इस कार के अगले पहिये पर सरकारी क्लैंप जड़ दिया। निगम का इरादा चालक पर जुर्माना लगाने का था, लेकिन चालक ने कानून के शिकंजे से बचने का एक अनोखा रास्ता खोज निकाला।
महज 5 मिनट में बदला टायर और लॉक लेकर हुआ फरार
निगम की टीम के जाते ही कार चालक ने तुरंत टूल्स निकाले और जैक की मदद से लॉक लगे पहिये को खोल दिया। उसने कार में रखी ‘स्टेपनी’ (स्पेयर टायर) को लगाया और लॉक समेत पुराने टायर को डिग्गी में रखकर वहां से चलता बना। हैरानी की बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में उसे मात्र पांच मिनट का समय लगा। इस घटना ने साबित कर दिया कि दिल्ली में ट्रैफिक नियमों और उनके अनुपालन के बीच ‘देसी इनोवेशन’ की एक समानांतर व्यवस्था भी काम करती है।
इंस्टाग्राम पर रील वायरल, लोगों ने कहा- दिल्ली वाले बेजोड़ हैं
इस घटना का वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल होते ही चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया यूजर्स इस पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। किसी ने लिखा कि ‘एमसीडी वालों को अब सबक मिल गया होगा’, तो किसी ने इसे दिल्ली की ‘जुगाड़ संस्कृति’ का बेहतरीन उदाहरण बताया। हालांकि, कुछ लोगों ने सार्वजनिक सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए गलत पार्किंग का समर्थन न करने की बात भी कही। फिलहाल यह वीडियो इंटरनेट पर तहलका मचा रहा है और सरकारी अमले की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है।
अस्पतालों के पास पार्किंग का गंभीर संकट और निगम की चुनौती
यह वाकया दिल्ली के बड़े अस्पतालों के आसपास पार्किंग की भीषण कमी की ओर भी इशारा करता है। सफदरजंग और एम्स जैसे केंद्रों में इमरजेंसी के समय तीमारदार मजबूरी में गाड़ियां सड़क पर छोड़ देते हैं। निगम ऐसी गाड़ियों पर कार्रवाई तो करता है, लेकिन इस बार ‘जुगाड़’ ने सरकारी सख्ती को मजाक बनाकर रख दिया है। सूत्रों के अनुसार, एमसीडी अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई और गाड़ी की पहचान करने पर विचार कर रही है, लेकिन फिलहाल सरकारी लॉक और आरोपी दोनों पहुंच से दूर हैं।
