हिमाचल में 42 डिग्री के पार पहुंचा पारा, कल से भारी बारिश और ओलावृष्टि का खौफनाक अलर्ट जारी

Himachal News: हिमाचल में मौसम ने तीखा रुख अपना लिया है। राज्य के पांच जिलों ऊना, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सोलन में भीषण लू की चेतावनी जारी हुई है। विभाग के अनुसार मैदानी इलाकों में गर्मी चरम पर पहुंच गई है। हालांकि कल से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। अठाइस और उनतीस अप्रैल को भारी आंधी, ओलावृष्टि और बारिश का ओरेंज अलर्ट जारी हुआ है। इससे मौसम में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और तापमान नीचे गिरेगा।

ऊना और पांवटा साहिब में बयालीस डिग्री पहुंचा पारा

प्रदेश भर में तापमान बहुत तेजी से बढ़ रहा है। ऊना और पांवटा साहिब में अधिकतम तापमान बयालीस डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड किया गया है। यह इस सीजन के लिए बहुत अधिक माना जा रहा है। शिमला, धर्मशाला, कांगड़ा, बिलासपुर और देहरा गोपीपुर जैसे इलाकों में भी गर्मी का प्रकोप जारी है। यहां तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज हुआ है। दिन के साथ अब रातें भी काफी गर्म महसूस होने लगी हैं। न्यूनतम तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी है।

रात के समय भी लोगों को नहीं मिल रही राहत

आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक न्यूनतम तापमान पांवटा साहिब और देहरा गोपीपुर में बाईस डिग्री सेल्सियस रहा। इसके बाद धर्मशाला अठारह और ऊना में यह आंकड़ा काफी ऊपर रहा। शिमला और नाहन में न्यूनतम तापमान सोलह डिग्री रिकॉर्ड हुआ है। मंडी, पालमपुर और सुंदरनगर में भी रात का तापमान पंद्रह डिग्री के पार पहुंच गया है। मनाली, सेओबाग और कल्पा में पारा दस डिग्री के आसपास बना हुआ है। इन आंकड़ों से साफ है कि गर्मी कम नहीं हुई है।

पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा पूरे राज्य का मौसम

मौसम विभाग का कहना है कि अठाइस और उनतीस अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ बहुत अधिक सक्रिय हो जाएगा। इसके प्रभाव से राज्य में कई स्थानों पर भारी आंधी, तेज ओलावृष्टि और भयानक बिजली गिरने की पूरी संभावना है। इस दौरान पचास किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इन दो दिनों के लिए खराब मौसम का गंभीर ओरेंज अलर्ट जारी है। तीस अप्रैल को भी कुछ खास स्थानों पर गरज के साथ येलो अलर्ट है।

मई के पहले हफ्ते में हल्की बारिश के आसार

एक और दो मई को पूरे प्रदेश में हल्की बारिश होने की संभावना बन रही है। हालांकि इन दिनों के लिए मौसम विभाग ने कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है। फिर तीन मई को दोबारा से कुछ इलाकों में तेज आंधी और बिजली गिरने की नई चेतावनी जारी कर दी गई है। इस बदलते मौसम से आम जनता को तो चिलचिलाती गर्मी से बहुत राहत मिलेगी। लेकिन दूसरी ओर किसानों और बागवानों के लिए यह बारिश बड़ी मुसीबत है।

फसलों और सेब के बागानों को भारी नुकसान का डर

राज्य के निचले क्षेत्रों में इन दिनों गेहूं की कटाई जोरों पर चल रही है। ऐसे में अचानक बारिश और ओलावृष्टि से पकी हुई फसल को भारी नुकसान पहुंच सकता है। कटाई का काम बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में सेब के बागानों में इन दिनों फ्लावरिंग हो रही है। ओले गिरने से सेब की पैदावार बर्बाद हो सकती है। मटर और अन्य नकदी सब्जियों को भी भारी नुकसान होना संभव है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
/ month
placeholder text

Hot this week

Topics

Related Articles

Popular Categories