Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में अपनी हरकतों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले यू-ट्यूबर शादाब जकाती को नौचंदी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद शादाब का एक मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि कोई भी कार्यक्रम करने से पहले प्रशासन की अनुमति जरूर लें।
शोरूम के उद्घाटन में उमड़ी हजारों की भीड़ और हंगामा
मामला शादाब जकाती द्वारा हापुड़ रोड पर खोले गए एक नए शोरूम के उद्घाटन से जुड़ा है। रविवार को इस शोरूम का उद्घाटन भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह की बहन नेहा सिंह ने किया था। इस दौरान कई अन्य प्रसिद्ध यू-ट्यूबर भी वहां पहुंचे थे। उद्घाटन समारोह में हजारों की संख्या में प्रशंसकों की भीड़ जुट गई, जिससे व्यस्त हापुड़ रोड पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस को भीड़ हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा और दी गिरफ्तारी की चेतावनी
हापुड़ रोड पर लगे भीषण जाम और अव्यवस्था के बाद शास्त्रीनगर चौकी प्रभारी हेमंत सागर ने शादाब जकाती और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि यह आयोजन बिना किसी पूर्व अनुमति के किया गया था। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना रहा कि शादाब ने केवल अपने शोरूम के प्रचार और पब्लिसिटी के लिए जानबूझकर इतनी भीड़ इकट्ठा करने का प्रोपेगेंडा रचा था।
तबीयत खराब होने का बहाना और थाने से मिली जमानत
एसपी सिटी विनायक भोसले ने बताया कि रविवार रात जब शादाब से संपर्क किया गया, तो उन्होंने तबीयत खराब होने का बहाना बनाया। हालांकि, सोमवार सुबह करीब 10 बजे उन्हें नौचंदी थाने बुलाया गया और विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। चूंकि मामला जमानती धाराओं (Bailable Sections) के तहत दर्ज था, इसलिए पुलिस ने धारा 41ए का नोटिस देकर उन्हें थाने से ही निजी मुचलके पर जमानत दे दी। शादाब के खिलाफ पहले भी इंचौली थाने में दो मुकदमे दर्ज हैं।
बिना अनुमति सड़क जाम करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
मेरठ पुलिस ने इस घटना के बाद कड़ा रुख अपनाया है। एसपी सिटी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में जो भी व्यक्ति बिना अनुमति के सार्वजनिक सड़कों को जाम करेगा या यातायात बाधित करेगा, उसके खिलाफ सीधे मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था का मखौल उड़ाने वाले किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति या सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर को बख्शा नहीं जाएगा। सार्वजनिक शांति बनाए रखना पुलिस की पहली प्राथमिकता है।
