Noida News: नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) ने एक्वा लाइन मेट्रो की राइडरशिप को दो लाख तक पहुँचाने के लिए अपने विस्तार अभियानों को तेज कर दिया है। अगले महीने से ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी रेलवे स्टेशन और सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन के बीच दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम शुरू होने की संभावना है। एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक ने इन विस्तार परियोजनाओं के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी करने की औपचारिक अनुमति दे दी है, जिससे कनेक्टिविटी के नए रास्ते खुलेंगे।
बॉटेनिकल गार्डन लिंक लाइन से दिल्ली-नोएडा का सफर होगा आसान
सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन के बीच 11.56 किलोमीटर लंबी लिंक लाइन पर कुल 8 स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। इस कॉरिडोर में सेक्टर-44, सेक्टर-96, सेक्टर-97, सेक्टर-105, सेक्टर-108, सेक्टर-93 और पंचशील बालक इंटर कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल होंगे। बॉटेनिकल गार्डन को जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे एक्वा लाइन के यात्री सीधे दिल्ली मेट्रो की ब्लू और मैजेंटा लाइन से जुड़ सकेंगे। इस बदलाव से वर्तमान की 80 हजार राइडरशिप के दो लाख तक पहुँचने की उम्मीद है।
बोड़ाकी रेलवे स्टेशन तक 2.6 किमी का विस्तार और नए स्टेशन
ग्रेटर नोएडा के डिपो स्टेशन से बोड़ाकी रेलवे स्टेशन तक 2.6 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर भी जल्द काम शुरू होगा। इस छोटे लेकिन महत्वपूर्ण विस्तार में जूनापत और बोड़ाकी नाम के दो नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। यह विस्तार बोड़ाकी में बनने वाले भविष्य के मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के लिए बेहद कारगर साबित होगा। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के लिए टोपो-ग्राफी और सॉइल टेस्टिंग (मिट्टी की जांच) का कार्य वर्तमान में प्रक्रिया में है, ताकि निर्माण की गुणवत्ता बनी रहे।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो के लिए मंत्रालय में चल रहा फॉलोअप
सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट (सेक्टर-4, चार मूर्ति) तक 7.5 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लिए भेजी गई डीपीआर (DPR) पर एनएमआरसी तेजी से काम कर रहा है। प्रबंध निदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय (MoHUA) में इस प्रोजेक्ट के प्रस्तुतीकरण के लिए लगातार फॉलोअप किया जाए। पहले यह रूट नॉलेज पार्क-5 तक प्रस्तावित था, लेकिन अब इसे आरआरटीएस (RRTS) से लिंक करने की योजना है, जिससे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी मिलेगी।
तीन नए निदेशकों की तैनाती और तकनीकी तैयारियां तेज
मंत्रालय की शर्तों के अनुसार, मेट्रो विस्तार परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए तीन नए निदेशकों की तैनाती की औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। तकनीकी स्तर पर भी जांच और सर्वे के काम युद्ध स्तर पर चल रहे हैं। आरआरटीएस और मेट्रो का तालमेल दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लाखों यात्रियों के लिए सफर को बेहद आरामदायक बना देगा। अधिकारियों का दावा है कि एक महीने के भीतर विचाराधीन रूटों को भी केंद्र से हरी झंडी मिल सकती है।
