Delhi News: उत्तर भारत के कई राज्यों में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी और जानलेवा लू के प्रकोप से अब जल्द राहत मिलने वाली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने संकेत दिए हैं कि एक सक्रिय ‘पश्चिमी विक्षोभ’ के कारण देश के एक बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। अगले कुछ दिनों तक दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश, धूल भरी आंधी और तेज हवाएं चलने की प्रबल संभावना है।
तापमान में आएगी भारी गिरावट और बारिश की चेतावनी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस नए मौसमी बदलाव के कारण अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है। मंगलवार से लेकर अगले तीन दिनों तक आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की उम्मीद है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सोमवार शाम से ही ठंडी हवाओं ने दस्तक दे दी थी, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से थोड़ी राहत महसूस होने लगी है।
तेज हवाओं और धूल भरी आंधी का रहेगा कहर
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। धूल भरी आंधी के चलते सड़कों पर विजिबिलिटी काफी कम होने की आशंका है, इसलिए वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हालांकि लू का असर कम होगा, लेकिन पारा अब भी 40°C के आसपास बना रहेगा। प्रशासन ने लोगों से पुराने पेड़ों, बिजली के खंभों और जर्जर होर्डिंग्स से दूर रहने की अपील की है।
पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती दबाव का प्रभाव
मौसम के इस अचानक करवट लेने के पीछे दो मुख्य भौगोलिक कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं। पहला कारण पाकिस्तान में सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ है, जो अब उत्तर-पश्चिम भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है। दूसरा कारण मध्य पाकिस्तान और राजस्थान के ऊपर बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन या चक्रवाती दबाव है। इन दोनों प्रणालियों के आपस में मिलने से थार मरुस्थल की धूल भरी हवाएं दिल्ली-एनसीआर और अन्य मैदानी राज्यों तक पहुँच रही हैं, जो बारिश के लिए अनुकूल हैं।
सांस के मरीजों को मास्क पहनने की सलाह
विशेषज्ञों ने धूल भरी आंधी को देखते हुए स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। अस्थमा या सांस की बीमारियों से जूझ रहे लोगों को बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करने की सलाह दी गई है। जहां देश का एक हिस्सा लू से बेहाल है, वहीं दूसरा हिस्सा अब मानसूनी बारिश जैसी परिस्थितियों के लिए तैयार है। गर्मी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को हाइड्रेटेड रहने और धूल भरी आंधी के दौरान घरों के भीतर ही सुरक्षित रहने का सुझाव दिया गया है।
