बंगाल चुनाव में सायोनी घोष का राघव चड्ढा पर विवादित ‘चड्ढी’ तंज, बोलीं- ममता ही होंगी अगली प्रधानमंत्री

West Bengal News: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले राजनीतिक बयानबाजी काफी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस की फायरब्रांड सांसद सायोनी घोष ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए नेता राघव चड्ढा पर बेहद तीखी और विवादित टिप्पणी की है। सायोनी ने खुद को राघव चड्ढा से अलग बताते हुए अपनी एक अलग पहचान बताई है। इस तीखे बयान की खूब आलोचना हो रही है।

राघव चड्ढा पर सायोनी का विवादित बयान

चुनाव प्रचार के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए सायोनी घोष ने राघव चड्ढा को लेकर सीधे तौर पर हमला बोला। उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए बेबाकी से कहा कि वह सायोनी घोष हैं, कोई राघव चड्ढा नहीं। इसलिए वह कभी चड्ढी नहीं बन सकतीं। इस तीखी टिप्पणी ने बंगाल की राजनीति में एक नया राजनीतिक भूचाल ला दिया है। सायोनी हमेशा से अपने मुखर बयानों के लिए देश में मशहूर रही हैं।

ममता बनर्जी को बताया प्रधानमंत्री पद की दावेदार

सायोनी घोष ने केवल राघव चड्ढा पर निशाना नहीं साधा, बल्कि केंद्र सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास ईडी, सीबीआई और बेहिसाब धनबल मौजूद है। लेकिन तृणमूल कांग्रेस के पास हवाई चप्पल और सफेद साड़ी पहनने वाली मजबूत नेता ममता बनर्जी हैं। सायोनी ने खुले तौर पर अपनी इच्छा जताते हुए कहा कि वह साल 2029 के लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी को देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती हैं।

मनोरंजन जगत से राजनीति में शानदार एंट्री

साल 1993 में कोलकाता में जन्मी सायोनी घोष ने साल 2010 में बंगाली मनोरंजन जगत में कदम रखा था। उन्होंने फिल्म इच्छे दाना से अपने शानदार अभिनय करियर की सफल शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने कई हिट फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं और घर-घर में मशहूर हो गईं। अभिनय में अपार सफलता पाने के बाद उन्होंने साल 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया था। उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई।

हार के बावजूद मिला अहम पद और बड़ी जीत

सायोनी घोष ने आसनसोल से अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें भाजपा की अग्निमित्रा पॉल से करारी हार मिली थी। इस हार के बावजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सायोनी पर पूरा भरोसा जताया। उन्हें तृणमूल युवा कांग्रेस का प्रमुख नियुक्त कर दिया गया। इसके बाद लोकसभा चुनाव 2024 में सायोनी का असली राजनीतिक उदय हुआ। उन्होंने जादवपुर संसदीय सीट से दो लाख से भी अधिक वोटों के भारी अंतर से ऐतिहासिक जीत हासिल की।

धार्मिक एकता की अपील और पुराने विवादों का साया

सायोनी घोष अपनी समावेशी भाषण शैली के लिए पूरे भारत में जानी जाती हैं। वह अपने भाषणों में चंडी पाठ, हनुमान चालीसा और गुरुबाणी का जिक्र करती हैं। 24 अप्रैल 2026 को उन्होंने सभी धर्मों के बीच आपसी भाईचारे का एक अच्छा संदेश दिया था। हालांकि उनका विवादों से भी बहुत पुराना नाता रहा है। शिक्षक भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने उनसे लंबी पूछताछ की थी। इसके अलावा एक सोशल मीडिया पोस्ट पर विवाद हुआ था।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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