Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल की प्रिंसिपल का विवादित वीडियो इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। शहर के एसपी तिराहे के पास स्थित सनबीम स्कूल की प्रिंसिपल ममता मिश्रा पर एक महिला अभिभावक के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज करने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब स्थानीय प्रशासन की चौखट तक पहुंच चुका है। पीड़ित मां ने अपनी आपबीती सुनाते हुए स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।
किताबों के लिए मांगी थी मोहलत, बदले में मिला अपमान
पीड़ित महिला नीलम ने बताया कि उनकी बेटी सनबीम स्कूल में पढ़ाई करती है। पारिवारिक कारणों और पति के शहर से बाहर होने की वजह से वह बेटी का पूरा कोर्स नहीं खरीद पाई थीं। नीलम ने स्कूल जाकर प्रिंसिपल से सिर्फ 15 दिन का समय मांगा था। उन्होंने आश्वासन दिया था कि वह जल्द ही बाकी किताबें ले लेंगी। हालांकि, प्रिंसिपल ने उनकी मजबूरी सुनने के बजाय उन पर चिल्लाना शुरू कर दिया। वीडियो में प्रिंसिपल “यू शट अप” कहते हुए और बच्चे का नाम काटने की धमकी देते हुए सुनी जा सकती हैं।
निजी स्कूलों की मनमानी और कमीशनखोरी का आरोप
इस पूरे विवाद की जड़ में किताबों और फीस का दबाव बताया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन खास दुकानों से ही महंगी किताबें खरीदने का दबाव बनाता है। जब अभिभावक अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हैं, तो उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षा के नाम पर निजी स्कूल अब व्यावसायिक केंद्र बन चुके हैं। किताबों के कमीशन और फीस की वसूली के लिए माता-पिता के सम्मान को ताक पर रखना बेहद निंदनीय कृत्य है।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा, जांच की मांग तेज
वायरल वीडियो ने हरदोई के नागरिकों और अभिभावक संघों को आक्रोशित कर दिया है। सोशल मीडिया पर लोग प्रिंसिपल के रवैये की कड़ी निंदा कर रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि अगर शिक्षा देने वाले ही ऐसी भाषा का प्रयोग करेंगे, तो बच्चों पर इसका क्या असर पड़ेगा? वीडियो में प्रिंसिपल का आक्रामक अंदाज साफ तौर पर देखा जा सकता है। अब जिला विद्यालय निरीक्षक और शिक्षा विभाग से इस मामले में हस्तक्षेप करने और स्कूल की मान्यता की समीक्षा करने की मांग की जा रही है।
प्रशासनिक कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही
जिला प्रशासन के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती बन गया है। अभिभावकों का कहना है कि यदि इस बार सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो स्कूलों की मनमानी और बढ़ेगी। शिक्षा व्यवस्था में संवेदनशीलता और संवाद का होना बहुत जरूरी है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ममता मिश्रा और सनबीम स्कूल प्रबंधन पर कोई दंडात्मक कदम उठाया जाएगा। यह घटना न केवल हरदोई बल्कि पूरे प्रदेश में निजी स्कूलों की कार्यशैली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है।
