New Delhi News: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) जल्द ही कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर सकता है। देशभर के करीब 18.5 लाख छात्र अपनी मेहनत का फल देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स और अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, बोर्ड 30 अप्रैल 2026 तक नतीजों का ऐलान कर सकता है। हालांकि, आधिकारिक वेबसाइट पर अभी तक किसी निश्चित तारीख की पुष्टि नहीं हुई है। मूल्यांकन प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है, जिससे छात्रों के बीच हलचल काफी तेज हो गई है।
डिजिटल सुधारों से इस बार समय से पहले आएंगे नतीजे
इस साल सीबीएसई ने मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज और सटीक बनाने के लिए आधुनिक ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम’ लागू किया है। बोर्ड पहले ही 15 अप्रैल को कक्षा 10वीं के नतीजे घोषित कर चुका है। इसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे हैं कि 12वीं का रिजल्ट भी अप्रैल के अंत तक आ जाएगा। आमतौर पर बोर्ड मई के मध्य में परिणाम जारी करता था। लेकिन इस बार डिजिटल सुधारों और नई तकनीक के चलते नतीजे पहले आने की पूरी उम्मीद है।
वेबसाइट क्रैश होने पर छात्र इन लिंक्स का करें इस्तेमाल
रिजल्ट जारी होते ही आधिकारिक पोर्टल पर भारी ट्रैफिक होने की संभावना रहती है। ऐसे में छात्र cbse.gov.in और results.cbse.nic.in जैसी वेबसाइट्स पर नजर रखें। इसके अलावा, छात्र ‘DigiLocker’ और ‘UMANG’ मोबाइल ऐप का भी उपयोग कर सकते हैं। इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए छात्र अपनी मार्कशीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट बिना किसी देरी के डाउनलोड कर पाएंगे। इससे वेबसाइट सर्वर धीमा होने पर भी छात्रों को अपना स्कोरकार्ड देखने में कोई परेशानी नहीं होगी।
एडमिट कार्ड रखें तैयार, स्कोरकार्ड के लिए चाहिए ये विवरण
रिजल्ट का लिंक एक्टिव होते ही छात्रों को अपना स्कोरकार्ड देखने के लिए कुछ बुनियादी जानकारियों की जरूरत पड़ेगी। सभी छात्र अपने एडमिट कार्ड को पहले से ही संभाल कर रख लें। आपको अपना रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी जैसे विवरण दर्ज करने होंगे। बोर्ड ने सुरक्षा के लिहाज से 6-अंकों का सिक्योरिटी पिन भी स्कूलों को भेज दिया है। छात्र इस पिन की मदद से अपना डिजिलॉकर अकाउंट एक्टिवेट कर लें ताकि रिजल्ट आते ही तुरंत मार्कशीट मिल सके।
डिजिलॉकर से मिली मार्कशीट कॉलेज एडमिशन के लिए है वैध
सीबीएसई बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे डिजिलॉकर का उपयोग जरूर करें। वेबसाइट क्रैश होने या तकनीकी समस्या की स्थिति में यह सबसे सुरक्षित विकल्प है। डिजिलॉकर से डाउनलोड की गई डिजिटल मार्कशीट कॉलेज एडमिशन की प्रक्रिया के लिए पूरी तरह से वैध मानी जाती है। इससे छात्रों को भौतिक मार्कशीट मिलने तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। छात्र अपनी डिजिटल कॉपी को संभाल कर रखें, क्योंकि उच्च शिक्षा के लिए आवेदन करते समय इसकी तुरंत आवश्यकता पड़ती है।
