Hardoi News: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में सनबीम स्कूल का विवाद तेजी से बढ़ रहा है। एक वायरल वीडियो में प्रिंसिपल को महिला अभिभावक को अपमानित करते देखा गया। बीएसए डॉ. अजीत सिंह ने तुरंत संज्ञान लिया और प्रारंभिक जांच के आदेश दे दिए। तीन खंड शिक्षा अधिकारियों की एक विशेष टीम बनाई गई है। जांच रिपोर्ट सोमवार सुबह तक सौंपने का आदेश दिया गया है।

जांच टीम गठित, सोमवार तक आएगी रिपोर्ट

बीएसए डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि नगर क्षेत्र के सनबीम स्कूल की जांच के लिए तीन बीईओ की टीम बनाई गई है। रविवार का दिन होने के कारण जांच प्रक्रिया में थोड़ा विलंब हुआ। लेकिन अब टीम तेजी से काम कर रही है। सोमवार सुबह तक विस्तृत जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन मामले के सभी कानूनी और विधिक पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रहा है।

वीडियो में साफ दिखी प्रिंसिपल की बदसलूकी

यह पूरा विवाद 24 अप्रैल को शुरू हुआ। नीलम वर्मा अपनी बेटी को लेने स्कूल पहुंची थीं। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने बाहर की कॉपियों को अमान्य बता दिया। उन पर 12 हजार रुपये की नई कॉपियां स्कूल से खरीदने का दबाव बनाया गया। मोहलत मांगने पर प्रिंसिपल ममता मिश्रा भड़क गईं। वायरल वीडियो में वह बार-बार अभिभावक को चुप रहने को कहती नजर आईं। उन्होंने अपमानजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया।

मान्यता रद्द होने का खतरा बरकरार

बीएसए डॉ. अजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि सनबीम स्कूल को मान्यता प्राप्त है। लेकिन जांच में नियम विरुद्ध काम मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी। यदि शिक्षा के अधिकार अधिनियम का उल्लंघन साबित हुआ तो स्कूल की मान्यता रद्द की जा सकती है। स्कूल ने कक्षा 1 से 5 तक की मान्यता 2009 में ली थी। इसके बाद 2014 में भी मान्यता ली गई थी। विभाग अब हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहा है।

प्रिंसिपल ने दी सफाई, बताया फीस का मामला

विवाद बढ़ने पर प्रिंसिपल ममता मिश्रा ने सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह झगड़ा कॉपियों का नहीं, बल्कि फीस कम कराने के दबाव का था। उनका आरोप है कि अभिभावक वैक्सीनेशन प्रोग्राम के दौरान उन्हें परेशान कर रहे थे। लेकिन बीएसए का कहना है कि वीडियो प्राथमिक साक्ष्य है। इसमें प्रिंसिपल की बदसलूकी साफ नजर आ रही है। पीड़िता नीलम वर्मा ने जिलाधिकारी से भी शिकायत की है।

कॉपी विवाद में अवैध वसूली की जांच

जांच टीम अब यह पता लगाएगी कि स्कूल द्वारा कॉपियों के नाम पर जबरन वसूली की जा रही थी या नहीं। देखा जाएगा कि क्या अभिभावकों को बाहर से सामान खरीदने से रोका गया। यदि ऐसा पाया गया तो यह नियमों का सीधा उल्लंघन होगा। विभाग का कहना है कि तथ्यों में सच्चाई मिलने पर बड़ी कार्रवाई से पीछे नहीं हटा जाएगा। स्कूल की मान्यता खत्म करने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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