Himachal News: हिमाचल में पंचायत चुनाव का इंतजार अब खत्म हो गया है। चुनाव आयोग ने तीन महीने की देरी के बाद तारीखों का ऐलान किया है। प्रदेश में तुरंत प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। यह नियम अगले एक महीने तक प्रभावी रहेगा। शिमला में चुनाव आयुक्त अनिल खाची ने यह अहम जानकारी दी है। इस बार पचास लाख से अधिक मतदाता वोट डालेंगे। पंचायत चुनाव कुल तीन चरणों में पूरे करवाए जाएंगे।
लाखों मतदाता करेंगे मतदान, सबसे ऊंचा पोलिंग बूथ तैयार
राज्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि पंचायत चुनावों में उप प्रधान पद के लिए आरक्षण लागू नहीं होगा। इस बार कुल 50 लाख 48 हजार मतदाता वोट डालेंगे। इनमें करीब 51 हजार युवा पहली बार मतदान का हिस्सा बनेंगे। आयोग ने काजा के लांग्जा स्थित कौमिक स्कूल में मतदान केंद्र बनाया है। यह प्रदेश में सबसे अधिक ऊंचाई पर मौजूद पोलिंग स्टेशन है। चुनाव में आचार संहिता का उल्लंघन होने पर प्रशासन सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा।
तीन चरणों में होगा मतदान, जानिए नामांकन की पूरी प्रक्रिया
चुनाव आयोग 29 अप्रैल को आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगा। प्रत्याशी 7, 8 और 11 मई को अपना नामांकन भरेंगे। इसके बाद 12 मई को नामांकन पत्रों की गहन जांच होगी। उम्मीदवार 14 और 15 मई तक अपने नाम वापस ले सकते हैं। मतदान केंद्रों की सूची 7 मई को मिलेगी। पहले चरण के लिए 26 मई को वोट पड़ेंगे। दूसरे चरण की वोटिंग 28 मई को होगी। तीसरे और अंतिम चरण का मतदान 30 मई को कराया जाएगा।
मतदान के तुरंत बाद होगी मतगणना, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पंचायत चुनाव में वोटों की गिनती दो स्तरों पर होगी। मतदान खत्म होने के तुरंत बाद पंचायत मुख्यालय पर ही मतगणना शुरू हो जाएगी। यहां प्रधान, उप प्रधान और वार्ड सदस्यों के वोट गिने जाएंगे। वहीं, जिला परिषद सदस्यों के लिए वोटों की गिनती सीधे ब्लॉक स्तर पर की जाएगी। पंचायत समिति के लिए मतगणना का काम 31 मई को होगा। चुनाव आयोग ने सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि शांति बनी रहे।
