Karnataka News: बेंगलुरु के एक पेइंग गेस्ट (PG) आवास में रविवार की रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते लपटों ने पूरी चार मंजिला इमारत को अपनी आगोश में ले लिया। इस दौरान वहां फंसी युवतियों के पास बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा, जिसके बाद उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों से छलांग लगा दी। सोशल मीडिया पर इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
ग्राउंड फ्लोर की दुकान से शुरू हुआ मौत का तांडव
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत सबसे पहले बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित एक एलईडी (LED) बैनर की दुकान से हुई थी। दुकान में रखे ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और बगल में स्थित पीजी की इमारत तक पहुंच गई। धुएं के गुबार और बढ़ती तपिश के कारण इमारत के ऊपरी तलों पर मौजूद लड़कियां दहशत में आ गईं और चीख-पुकार मच गई।
दहशत में युवतियों ने चार मंजिला इमारत से लगाई छलांग
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे आग की लपटों से बचने के लिए युवतियां अपनी जान जोखिम में डालकर चार मंजिला इमारत से नीचे कूद रही हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब आग ने सीढ़ियों को ब्लॉक कर दिया, तब लड़कियों के पास कूदने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। स्थानीय लोगों ने तुरंत गद्दे और अन्य सामान नीचे फैलाकर उन्हें सुरक्षित उतारने की कोशिश की, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
दमकल विभाग की कार्रवाई और घायलों की स्थिति
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि इस भयानक अग्निकांड में किसी की जान नहीं गई है और न ही कोई युवती गंभीर रूप से घायल हुई है। कुछ युवतियों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। प्रशासन अब पीजी बिल्डिंग में सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच कर रहा है।
रिहाइशी इलाके में सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
पुलिस और दमकल विभाग अब इस मामले की गहराई से तफ्तीश कर रहे हैं कि आखिर एक कमर्शियल दुकान की आग इतनी तेजी से रिहाइशी पीजी बिल्डिंग में कैसे फैल गई। जांच टीम यह भी देख रही है कि क्या बिल्डिंग में ‘फायर एग्जिट’ और अग्निशमन यंत्रों की पर्याप्त व्यवस्था थी या नहीं। इस घटना ने बेंगलुरु के घनी आबादी वाले इलाकों में चल रहे पीजी हॉस्टल्स में सुरक्षा इंतजामों और फायर ऑडिट की कमी को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
