हिमाचल पंचायत चुनाव: प्रदेश की सभी 3754 पंचायतों में होंगे चुनाव, आचार संहिता हुई लागू; जानें कब होगी वोटिंग

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव की बहुप्रतीक्षित तारीखों का आधिकारिक ऐलान हो गया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। प्रदेश की कुल 3,754 पंचायतों में मतदान होगा। हालांकि आनी और नग्गर की दो पंचायतों में अभी चुनाव नहीं होंगे। इन दोनों पंचायतों का कार्यकाल साल 2027 में पूरा होगा। चुनाव की घोषणा के साथ ही पूरे प्रदेश में आदर्श चुनाव आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है।

तीन चरणों में होगा मतदान, जानिए पूरा शेड्यूल

राज्य चुनाव आयोग के अनुसार पंचायत चुनाव कुल तीन चरणों में पूरे करवाए जाएंगे। आयोग 29 अप्रैल को चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगा। प्रत्याशी 7, 8 और 11 मई को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इसके बाद 12 मई को सभी नामांकन पत्रों की जांच होगी। उम्मीदवार 14 और 15 मई को अपना नाम वापस ले सकते हैं। प्रथम चरण का मतदान 26 मई को होगा। इसके बाद 28 मई और 30 मई को वोट पड़ेंगे।

50 लाख से ज्यादा मतदाता चुनेंगे अपनी सरकार

इस बार पंचायत चुनाव में कुल 50 लाख 79 हजार मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 25 लाख 67 हजार पुरुष और 25 लाख 11 हजार महिला मतदाता शामिल हैं। चुनाव में 85 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 50 हजार बुजुर्ग भी वोट डालेंगे। प्रदेश भर में कुल 21,678 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। राज्य में सबसे अधिक ऊंचाई वाला पोलिंग बूथ 4587 मीटर की ऊंचाई पर स्थापित किया गया है।

पांच अलग रंगों के बैलेट पेपर से होगी वोटिंग

मतदाताओं को वोट डालने के लिए पांच अलग-अलग रंगों के बैलेट पेपर दिए जाएंगे। मतदान के दिन सभी कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश मिलेगा।

  • प्रधान पद के लिए हल्का हरा बैलेट पेपर मिलेगा।
  • उपप्रधान के चुनाव के लिए पीला बैलेट पेपर इस्तेमाल होगा।
  • पंचायत सदस्य का चुनाव सफेद बैलेट पेपर से होगा।
  • पंचायत समिति के लिए गुलाबी रंग का पेपर मिलेगा।
  • जिला परिषद सदस्य के लिए हल्का नीला बैलेट पेपर उपयोग किया जाएगा।

सरकारी कर्मचारियों के चुनाव लड़ने पर सख्त पाबंदी

पंचायत चुनाव लड़ने के लिए कोई शैक्षणिक योग्यता तय नहीं की गई है। अनपढ़ व्यक्ति भी आसानी से चुनाव लड़ सकता है। हालांकि सरकारी सेवा से बर्खास्त व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ पाएगा। शिकायत मिलने पर ऐसे लोगों का नामांकन तुरंत रद्द होगा। सरकारी नौकरी करने वाले कर्मचारी किसी प्रत्याशी के एजेंट नहीं बन सकते हैं। ऐसा करने पर उन्हें तीन साल की जेल होगी। मानदेय प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को चुनाव लड़ने के लिए नौकरी छोड़नी होगी।

आचार संहिता लागू, सरकारी घोषणाओं पर लगी रोक

राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होते ही सख्त पाबंदियां शुरू हो गई हैं। अब सरकार कोई भी नई योजना या घोषणा नहीं कर सकती है। नई भर्तियों, टेंडर, ट्रांसफर और प्रमोशन पर भी पूरी तरह से रोक लग गई है। कोई भी नेता नए प्रोजेक्ट का उद्घाटन या शिलान्यास नहीं कर पाएगा। जिला परिषद, पंचायत समिति और नगर निगम चुनाव की मतगणना एक साथ 31 मई को पूरी की जाएगी।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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