Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश के दमकल विभाग की ताकत में अब भारी इजाफा हुआ है। गाजियाबाद अग्निशमन विभाग को पहली बार 22 हजार लीटर पानी की क्षमता वाला अत्याधुनिक फायर टेंडर प्राप्त हुआ है। अब तक दमकल कर्मचारियों को अधिकतम 14 हजार लीटर क्षमता वाले वाहनों पर ही निर्भर रहना पड़ता था। इस नए और शक्तिशाली वाहन की मदद से भीषण आग पर लगातार 25 से 30 मिनट तक पानी की बौछार की जा सकेगी, जिससे बड़ी घटनाओं पर काबू पाना आसान होगा।
पुराने वाहनों की तुलना में दोगुनी शक्ति
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि वर्तमान में जिले के फायर स्टेशनों पर ढाई हजार, पांच हजार और 14 हजार लीटर की क्षमता वाले वाहन उपलब्ध हैं। आग बुझाने के दौरान जब पूरी रफ्तार से पानी छोड़ा जाता है, तो एक मिनट में करीब 923 लीटर पानी खर्च होता है। पुराने वाहनों में पानी जल्दी खत्म होने के कारण गाड़ियों को बार-बार पानी भरने के लिए वापस भेजना पड़ता था, जिससे राहत कार्य में काफी बाधा आती थी।
आग दोबारा भड़कने का खतरा होगा खत्म
अक्सर देखा गया है कि पानी की बौछार रुकते ही आग दोबारा विकराल रूप धारण कर लेती थी। नए 22 हजार लीटर क्षमता वाले फायर टेंडर की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इससे दमकल कर्मी बिना रुके करीब आधा घंटे तक आग से मुकाबला कर सकेंगे। शासन स्तर पर ऐसे कुछ विशेष वाहन तैयार किए गए हैं, जिन्हें प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों में भेजा जा रहा है। गाजियाबाद को यह वाहन मिलने से औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता होगी।
हाई-राइज इमारतों के लिए संजीवनी
गाजियाबाद जैसे घनी आबादी और हाई-राइज इमारतों वाले शहर के लिए यह वाहन किसी संजीवनी से कम नहीं है। बड़ी आग लगने पर अक्सर पानी की कमी सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरती थी। अब विशाल जल भंडारण क्षमता होने के कारण दमकल विभाग को बैकअप के लिए दूसरी गाड़ियों के आने तक पर्याप्त समय मिल सकेगा। अधिकारियों का मानना है कि इस ‘बाहुबली’ फायर टेंडर के आने से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
आधुनिक तकनीक से लैस है नया वाहन
यह नया फायर टेंडर न केवल क्षमता में बड़ा है, बल्कि आधुनिक पंपिंग सिस्टम से भी लैस है। शासन की योजना के अनुसार, आने वाले समय में अन्य जिलों को भी ऐसे ही उच्च क्षमता वाले वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। दमकल विभाग अब औद्योगिक आग और रासायनिक आग जैसी जटिल चुनौतियों से निपटने के लिए खुद को तैयार कर रहा है। विभाग की इस नई उपलब्धि से स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने राहत की सांस ली है।
