Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में होमगार्ड भर्ती के लिए आयोजित तीन दिवसीय परीक्षा सोमवार को अंतिम दिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। नगर के 10 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित इस परीक्षा में हजारों अभ्यर्थियों ने अपनी किस्मत आजमाई। हालांकि, परीक्षा देकर बाहर निकले परीक्षार्थियों के चेहरों पर तनाव साफ दिखाई दिया। अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र के स्तर को उम्मीद से कहीं ज्यादा कठिन बताया और इसकी तुलना हालिया दरोगा भर्ती परीक्षा से की।
कड़ी सुरक्षा और सघन जांच के बीच हुआ प्रवेश
सोमवार सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ जुटने लगी थी। प्रशासन ने नकल विहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। प्रत्येक अभ्यर्थी को सघन तलाशी और पहचान पत्रों की गहन जांच के बाद ही केंद्र के भीतर प्रवेश की अनुमति दी गई। केंद्रों पर भारी पुलिस बल के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी भी मुस्तैद रहे। संभल तहसील क्षेत्र के सभी 10 केंद्रों पर अनुशासन बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी टीम तैनात रही।
इन 10 प्रमुख केंद्रों पर आयोजित की गई परीक्षा
भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नगर के प्रमुख शिक्षण संस्थानों को केंद्र बनाया गया था। इनमें शंकर भूषण शरण जनता इंटर कालेज, आचार्य मुक्तेश हकीम रईस इंटर कालेज, एमजीएम महाविद्यालय और राजकीय कन्या इंटर कालेज जैसे संस्थान शामिल रहे। इसके अलावा सरायतरीन स्थित जेडीयू इंटर कालेज और सिरसी के जवाहरलाल मेमोरियल नगर पालिका इंटर कालेज में भी परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित हुई। पहली पाली सुबह 10 से 12 और दूसरी दोपहर 3 से 5 बजे तक चली।
तर्कशक्ति और सामान्य अध्ययन ने उलझाया
परीक्षा केंद्र से बाहर आए अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्वरूप काफी चुनौतीपूर्ण था। विशेष रूप से सामान्य अध्ययन (GS) और तर्कशक्ति (Reasoning) के खंड में पूछे गए सवाल काफी घुमावदार थे। परीक्षार्थियों का कहना था कि उन्होंने होमगार्ड भर्ती के हिसाब से तैयारी की थी, लेकिन प्रश्नों का स्तर उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं जैसा था। कई सवाल इतने अप्रत्याशित थे कि उन्हें हल करने में अभ्यर्थियों को काफी अतिरिक्त समय और दिमागी कसरत करनी पड़ी।
CCTV की निगरानी में हुई पूरी भर्ती प्रक्रिया
प्रशासन ने परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों (CCTV) से निगरानी सुनिश्चित की। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं केंद्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। परीक्षा के दौरान केंद्रों के बाहर खड़े अभिभावकों को भीषण गर्मी और तेज धूप का सामना करना पड़ा, लेकिन शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न होने पर सभी ने राहत की सांस ली। तीन दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद अब अभ्यर्थियों को अपने परिणाम का बेसब्री से इंतजार है।
